दुकानों पर रंग – गुलाल खरीदने के लिए बढ़ी भीड़ | सीतामढ़ी लाइव

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जिलेभर में होली के त्यौहार को लेकर चहल पहल है. कपड़ों मिठाइयों के अलावा गुलालों की दुकान पर पिचकारी खरीदते नजर आ रहे हैं. बच्चे तरह-तरह के तैयारियों में जुटे हैं. कोई सूखी होली तो कोई गिली होली है और कोई कपड़ा फाड़ होली खेलने की तैयारी कर रहा है. वैसे बिहार में कपड़ा फार होली दुनिया भर में मशहूर है.

होलिका दहन :

आज 20 मार्च बुधवार को रात 9 बजे के बाद होलिका दहन मनाया जाएगा. काफी लंबे समय बाद होलिका दहन और होली दोनों दिन ही लगातार मातंग योग पड़ रहा है. चूंकि भद्रा इस बार काफी देर तक रहेगी इसलिए बुधवार की रात 9 बजे के बाद ही होलिका दहन करना शुभ होगा. ऐसा दुर्लभ योग 7 साल बाद पड़ रहा है जब ब्रहस्पति के शुभ प्रभाव में रंगोत्सव मनाया जाएगा.


क्या है होलिका दहन और पूजा का शुभ मुहूर्त :

होली से एक दिन पहले शाम को होलिका दहन किया जाता है. इस बार होलिका दहन का मुहूर्त शाम 20:57 से 00:28 मिनट तक है. होलिका से जुड़ी अलग-अलग परंपरा है. कहीं-कहीं होलिका की आग घर ले जाई जाती है. उस आग से घर में रोटी बनाने को शुभ माना जाता है. होलिका मनाने के पीछे एक कहानी है.



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