सीतामढ़ी में 4 जनवरी से खुलेंगे स्कूल-कॉलेज

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Abhilasha Kumari Sharma, DM Sitamarhi (file photo)

प्रदेश भर में 4 जनवरी से खुल रहे स्कूल कॉलेज एवं कोचिंग संस्थानों को लेकर सीतामढ़ी जिला प्रशासन ने सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापक, प्राचार्य, प्रबंधक आदि के साथ बैठक की है. इस दौरान डीएम ने सभी को बताया कि किस तरह से कक्षाओं का संचालन किया जाना है.

जिले में सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालयों के 9वीं से 12वीं तक की कक्षाओं तथा सभी महाविद्यालय के अंतिम वर्ष की कक्षाओं के संचालन का निर्देश दिया गया है. इसके अलावा सरकारी एवं गैर सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को भी खोलने का निर्देश दिया गया है.


स्कूलों को खोलने से पहले ये सारी व्यवस्था करने को कहा है

  • -स्कूल कैम्पस, सभी कमरे, फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी, भंडार कक्ष, पानी टंकी, वाशरूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन होनी चाहिये. -स्कूलों को डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर और साबुन की व्यवस्था रखनी होगी.
  • स्कूलों में स्टूडेंट्स को कम से कम 6 फीट की दूरी पर बिठाने की व्यवस्था करनी होगी.
  • स्कूलों की दीवारों और नोटिस बोर्ड पर सामाजिक दूरी का पालन, मास्क लगाने, सैनिटाइजेशन, हाथों की सफाई और यहां-वहां नहीं थूकने के बारे में लिखे हुए संदेश का पोस्टर लगाना है.
  • वाशरूम और पानी के नल के पास 6 फीट की दूरी में गोल घेरे का निशान बनाना होगा
  • सभी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करनी होगी

हॉस्टल खुलेंगे लेकिन ठोस व्यवस्था के साथ
सरकार ने शिक्षण संस्थानों में हॉस्टल खोलने की मंजूरी भी दी है. लेकिन उन्हें कोविड प्रोटोकॉल का पूरा-पूरा पालन करना होगा. हॉस्टल चलाने के लिए उन्हें ये सब इंतजाम करना होगा.

  • हॉस्टल में अलग-अलग बेड के लिए पार्टिशन की व्यवस्था करनी होगी, ताकि सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करना होगा.
  • स्वास्थ्य जांच के बाद ही छात्रों को हॉस्टल में रखा जायेगा
  • हॉस्टल में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होगा
  • हॉस्टल के मेस और किचन का मेडिकल टीम लगातार निरीक्षण करेगी
  • ऊंची कक्षा के छात्रों को रहने के लिए प्राथमिकता दी जाए

कोरोना काल में खुल रहे स्कूल-कॉलेजों में मीटिंग-एसेंबली के लिए भी नियम तय किये गए हैं. शिक्षण संस्थानों को वैसे आयोजनों से बचना है, जिनमें सामाजिक दूरी का पालन संभव नहीं हो सके. उन्हें संस्थान में समारोह नहीं आयोजित करने होंगे.एसेंबली होगी तो शिक्षकों की निगरानी में और वहां सामाजिक दूरी का पालन किया जायेगा. पैरेंट टीचर मीटिंग वर्चुअल मोड में होगी.

ट्रांसपोर्ट में सख्त नियमों का होगा पालन
बच्चों को स्कूल ले जाने और वापस लाने में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होगा. ट्रांसपोर्ट में इसका पूरा ध्यान रखना होगा. सरकार ने बच्चों के ट्रांसपोर्ट सुविधा के लिए ये नियम बनाये हैं.

  • बच्चों को लाने-ले जाने वाली गाड़ियों का पहले पूरी तरह से सैनिटाइजेशन करना होगा. बच्चों को लाने और घर छोड़ने से पहले दिन में दो बार बसों को सैनिटाइज किया जाए
  • स्कूल और कोचिंग के प्रवेश और निकास द्वार पर विभिन्न वर्गों के अनुसार क्रमवार समय निर्धारित कर उसे चिह्नित किया जाए, ताकि बच्चों की भीड़ न लगे और दूरी मेंटेन रहे
  • बिना मास्क के बच्चों को गाड़ी में न बैठाया जाए और चढ़ने-उतरने के समय सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित हो
  • बस पर चढ़ने से पहले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी और बस में हैंड सैनेटाइजर का इंतजाम होगा
  • गाड़ियों की खिड़की में पर्दे नहीं लगे होंगे
  • AC बसों के लिए CPWD द्वारा निर्गत गाइडलाइन के अनुसार तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच हो और सापेक्ष आर्द्रता 40 से 70 फीसदी हो  

गौरतलब है कि बिहार सरकार की क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में 8वीं क्लास से कक्षा शुरू करने बात कही गयी थी. 4 जनवरी से बच्चों को स्कूल जाने की मंजूरी दी गयी थी. लेकिन शिक्षा विभाग के आदेश में 9वीं क्लास से उपर की कक्षा संचालित करने की मंजूरी दी गयी है. लिहाजा पहले से ही चल रहे 700 स्कूल ही अब भी चल पायेंगे. जिन स्कूलों में 8वीं तक की पढ़ाई होती है वे नहीं खुलेंगे.

© SITAMARHI LIVE | TEAM.



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