सीतामढ़ी में चार दिन भी नहीं चला लॉकडाउन का प्यार, शादी के बाद छोड़ भागा दगाबाज आशिक

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अजब प्रेम की गजब कहानी सामने आई है। लॉकडाउन का प्यार चार दिन भी नहीं चला। मंदिर में सात फेरे के बाद आशिक ने दगा दे दी है। बीते 13 मई को ही इस प्रेमी युगल ने सहियारा गांव स्थित राम जानकी मंदिर में भगवान को साक्षी मानकर शादी रचाई और हंसी-खुशी के साथ दुल्हन को साथ लेकर शौहर रवाना हो गया। इस शादी के गवाह पूर्व मुखिया राज किशोर पासवान, मटियार कला पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि प्रमोद कुमार, नंदकिशोर सिंह, अनिल सिंह, सुनील सिंह, प्रमोद सिंह, सहियारा की मुखिया के पति गगनदेव सहनी सहित दर्जनों ग्रामीण थे। दरअसल, इस जोड़े की शादी सहियारा थाने में होनी थी। थानाध्यक्ष ने शादी की तैयारी भी करा ली थी मगर, ऐन वक्त पर एसपी हरकिशोर राय पहुंच गए

और उन्होंने थाने में ऐसे कार्यक्रम के लिए न सिर्फ थानेदार को डांट लगाई बल्कि दोनों को यह कहते हुए वहां से भेज दिया कि शादी जहां मर्जी हो वहां जाकर करो, थाने में ये सब नहीं होगा। प्रेमी जोड़े का प्रेम-संबंध का मामला पुलिस में घर वालों ने पहुंचा दिया था। लड़का अपनी प्रेमिका से मिलने उसके घर जा पहुंचा और पकड़ा गया तो उसके पिता ने लड़की वालों पर बेटे के अपहरण का केस दर्ज करा दिया। इस बीच पुलिस ने दोनों को बरामद किया। असलियत सामने आई तो थानाध्यक्ष ने दोनों को बालिग देखकर थाने में ही शादी की तैयारी करा दी। मगर, एसपी के आने से न सिर्फ शादी में खलल पड़ गई बल्कि अब तो वह दहेज की डिमांड करने लगा है और अपनी पत्नी को छोड़कर फरार हो चुका है।


नई-नवेली दुल्हन पहुंची थाने, केस दर्ज करा मांगा इंसाफ

इस मामले में नई-नवेली दुल्हन के आवेदन के आधार पर बुधवार को स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिसमें प्रेमी विमलेश कुमार के अलावा उसके पिता शंभू महतो, मां, भाई व अन्य को नामजद किया है। लड़की का कहना है कि उससे दहेज में पांच लाख रुपये की मांग की जा रही है। लड़के पर आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर प्यार किया। शारीरिक संबंध बनाए। अब बीच मंझधार में छोड़ भागा है

लड़की का कहना है कि उससे दहेज में पांच लाख रुपये की मांग की जा रही है। लड़के पर आरोप है कि उसने शादी का झांसा देकर प्यार किया। शारीरिक संबंध बनाए। अब बीच मंझधार में छोड़ भागा है। हालांकि, पुलिस तक मामला पहुंचने पर थाने में बॉन्डपत्र पुलिस ने भरवाया था। बावजूद, उसने चार दिन बाद ही अपनी नई-नवेली दुल्हन को छोड़ दिया। लड़की के घर वालों का कहना है कि उस दिन थाने में पुलिस की मौजूदगी में शादी हो गई रहती तो शायद यह दिन देखने की नौबत ही नहीं आती। शादी टूटने के लिए लोग अब एसपी और थाना पुलिस को कोस रहे हैं। घटना सहियारा थाना क्षेत्र के बदुरी गांव की है।

ये है अजब प्रेम की गजब कहानी

पुलिस के अनुसार, बदुरी गांव निवासी विमलेश महतो गांव की ही शोभा कुमारी से प्यार हो गया। आठ माह से दोनों का प्यार परवान पर था। लॉकडाउन में ही शादी रचा ली। प्रेम पराकाष्ठा पर चढ़ा तो विमलेश बीते 11 मई को अपनी महबूबा से मिलने उसके घर जा पहुंचा। लड़की के घर वालों ने उसको देखा तो बंधक बना लिया। इधर, लड़के के पिता शंभू महतो ने बेटे के अपहरण की शिकायत पुलिस में कर दी। लड़की के पिता योगी महतो और एक एक अन्य को बेटे को अगवा करने के लिए आरोपित किया। उधर पुलिस ने जांच-पड़ताल शुरू की तो मामला प्रेम-प्रसंग का सामने आया। प्रेमी जोड़े को पकड़कर पुलिस थाने ले आई। पुलिसिया पूछताछ में इस जोड़े ने एक-दूजे से प्यार की बात कबूल कर ली। थानेदार ने देखा कि दोनों बालिग 

तो चट मंगनी पट ब्याह की तर्ज पर थाने में ही शादी रचाने की तैयारी कर दी। मगर, इसी बीच एसपी थाने पहुंच गए और उन्होंने थाने में शादी होने देने से न सिर्फ मना कर दिया। थानेदार को डांट भी लगाई। प्रेमी जोड़े और उनके शुभचिंतक यह देखकर मंदिर गए और वहीं दोनों ने सात फेरे लिए। मगर, चार दिन बाद ही कहानी में नया ट्विस्ट आ गया

Input : dainik jagran



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