सीतामढ़ी में चलेगा पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान, जानिए क्या कुछ होगा खास…

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ध्यान रहे एक भी बच्चा नहीं छूटे, बच्चों को पोलियो खुराक की दो बूंद पिलाएं और उनके जीवन को खुशहाल बनाएं. पोलियो उन्मूलन के लिए चलाये जा रहे इस अभियान का हिस्सा बने और अपने बच्चों की पोलियो की खुराक दिलाना ना भूलें. उक्त बातें डीडीसी सह प्रभारी जिलाधिकारी तरनजोत सिंह (भा0प्र0से0) ने डुमरा पीएचसी में पांच दिवसीय पल्स पोलियो अभियान के शुभारंभ करते हुए कही.

उन्होंने कहा कि शून्य से 5 वर्ष तक आयु के अपने बच्चों को पोलियो की सभी खुराक समय पर दिलवाएँ. स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य के लिए “दो बूंद जिंदगी की” जरूरी है. सजग बने पोलियो को लौटने का मौका न दें और अपने बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएं.


उन्होंने कहा कि जिले में 5 दिनों तक पल्स पोलियो अभियान चलाया जाएगा. अभियान के तहत आशा कार्यकर्ता और आंगनबाड़ी सेविका घर-घर जाकर शून्य से 5 साल तक के बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाएंगी. इसको लेकर माइक्रो प्लान भी तैयार किया गया है. माइक्रो प्लान के अनुसार अभियान को सफल बनाया जाएगा साथ ही इन कर्मियों की मानिटरिंग एवं अभियान का सफल संचालन के लिए सुपरवाइजर एवं माॅनीटर की तैनाती की गई है.

अभियान के दौरान इस बात का ख्याल रखा जाएगा कि एक भी बच्चा पोलियो की दो बूँद दवा पीने से छूटे नहीं. प्रभारी जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी प्रखंडों में अनिवार्य रूप से प्रतिदिन संध्या ब्रीफिंग करें एवं उसकी रिपोर्ट जिला मुख्यालय में भी भेजें.

6 लाख 8 हजार 937 बच्चों को दवा पिलाने का है लक्ष्य :

डीएम ने बताया कि जिले में 6 लाख 08 हजार 937 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है. निर्धारित लक्ष्य को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए जिले में 1474 दल बनाएं गए हैं जिसमें 1228 डोर टू डोर टीम, 185 ट्रांजिट दल, 16 वन मैन दल,45 मोबाइल दल को लगाया गया है.

घर -घर जाकर बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की दो बूँद दवा :

प्रभारी जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए कहा कि पल्स पोलियो अभियान की ड्यूटी में लगे ऑगनबाड़ी सेविका, आशा समेत अन्य कर्मी घर-घर जाकर पाँच वर्षों तक के बच्चों को पोलियो की दो बूँद दवा पिलाऐंगे साथ ही दवा पिलाने के बाद बच्चों का नाम, बच्चे के माता-पिता का नाम, गृह संख्या आदि विभाग द्वारा दी गई फारमेट में भरेंगे.

चौक-चौराहे से लेकर स्टेशन पर भी दवा पिलाने के लिए कर्मी रहेंगे तैनात:

प्रभारी जिलाधिकारी ने बताया कि पल्स पोलियो अभियान के तहत एक भी बच्चा नहीं छूटे इसके लिए विभाग द्वारा व्यापक तैयारियाँ की गई. दरअसल, एक भी बच्चा छूटने पर वायरस फैलने का प्रबल संभावना रहता है. इसको लेकर जिले के चौक-चौराहे, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, आदि जगहों पर दवा पिलाने के लिए कर्मियों की तैनात किए गए हैं जो बाहर से आने-जाने वाले यानी सफर कर रहे बच्चे को दवा पिलाऐंगे ताकि सफर पर निकले बच्चे वंचित नहीं रहें. साथ ही दवा पिलाने के बाद बच्चों के अंगुली में निशान भी लगाया जाएगा ताकि किसी भी बच्चे को भूलवश जाने-अनजाने में दोबारा दवाई नहीं पिलाई जा सकें.

हर दिन शाम में स्थानीय पीएचसी में होगी ब्रीफिंग :

जिलाधिकारी ने बताया कि अभियान की सफलता को लेकर हर दिन शाम में जिले के सभी पीएचसी में संध्या ब्रीफिंग का निर्देश दिया गया है जिसमें पीएचसी प्रभारी, मैनेजर, सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिका (एलएस) समेत अन्य पदाधिकारी व कर्मी शामिल होंगे. संध्या ब्रीफिंग में दिनभर के कार्यों समीक्षा किया जाएगा साथ ही हर दिन कितने बच्चों को दवा पिलाई गई समेत पूरे दिन के कार्यों की रिपोर्ट तैयार करेंगे जिसे देर शाम जिला मुख्यालय को उपलब्ध कराऐंगे.

कोविड-19 के गाइडलाइन का रखा जाएगा ख्याल :

बच्चों को दवाई पिलाने के दौरान कोविड-19 के गाइडलाइन का ख्याल रखा जाएगा. बचाव से संबंधित उपायों का पालन करते हुए कर्मी दवा पिलाऐंगे और खुद के साथ-साथ दूसरों का भी कोविड-19 से सुरक्षा का ख्याल रखेंगे. इसको लेकर विभागीय पदाधिकारियों द्वारा सभी कर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं.

इस अवसर पर डीपीआरओ परिमल कुमार, प्रभारी सिविल सर्जन सह एसीएमओ, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी, डीपीएम, डब्ल्यूएचओ के अधिकारी, हेल्थ मैनेजर आदि अन्य स्वास्थ्य कर्मी मौजूद थे.



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