श्री श्याम फाल्गुणोत्सव के दूसरे दिन उमड़ी भक्तों की भीड़ | सीतामढ़ी लाइव

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सोमवार को नगर के खेमका कॉलनी स्थित श्री श्याम मंदिर में तीन दिवसीय श्री श्याम फल्गुनोत्सव 2019 के दुसरे दिन सोमवार को सुबह में मंगला आरती एवं बालभोग लगाया गया. इस अवसर पर भारी संख्या में श्याम भक्तों ने “ॐ जय श्री श्याम देवाय नमः” महामन्त्र के जाप के साथ परिक्रमा किया. पूजा पाठ के बाद द्वादशी की महाआरती का आयोजन के साथ अखण्ड ज्योत पूरी हुई.


श्री श्याम मन्दिर के मिडिया प्रभारी राजेश कुमार सुन्दरका ने बताया कि इसके पूर्व देर रात्रि में भजन संध्या का सुमधुर संगीत एवं ईश्वर के विभिन्न रूपों व घटनाओं को नृत्य नाटिका के रूप में शानदार प्रस्तुति की गई. इस अवसर पर श्री श्याम बाबा का हजारों फूल – मालाओ से श्रृंगार किया गया और मंदिर परिसर में सजावट से मनोहारी छवि नजर आ रही थी. मुजफ्फरपुर से आएँ सूरज थापा और प्रीतम चक्रधारी और धनबाद से आईं रानी कौर ने दरभंगा की मुन्ना बैंड के साथ सुमधुर भजन कीर्तन के साथ रात भर जागरण किया.


श्याम मंदिर में नृत्य करते कलाकार

कलाकारों द्वारा मीठे भजन में “कीर्तन की है रात, बाबा आज थाना आनों हैं, “कभी राम बन के, कभी श्याम बन के चले आना प्रभुजी चले आना, “किस ने सजाया बाबा तुझे, बड़ा प्यारा लागे” आदि बोल पर श्रद्धालु भाव – विभोर होकर झूमते नजर आए. वहीँ राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त दिल्ली से आएँ देव डांस ग्रुप के देव कुमार, राहुल कुमार, अंजली, नीरज साँवरिया, निशा शर्मा व प्रिया ने भाव नृत्य द्वारा भगवद प्रसंगों को ऐसी जीवन्तता प्रदान कर दी की वहाँ उपस्थित सैंकड़ो की संख्या में उपस्थित महिलाओं व पुरुषों ने जय-जय कार की गूंज पैदा कर दी.


मालूम हो कि माँ का दुलारा, साहसी, दयालु और वचन का पक्का महान बर्बरीक का बाबा श्री श्याम प्रभु के रूप में उदय हुआ था. बर्बरीक ने कहा था कि महाभारत के युद्ध में हारने वाले का सहारा बनेंगे, इसी बीच भगवान श्री कृष्ण ने बर्बरीक की महानता का पता करने हेतु कहा कि पीपल के पेड़ पर जितने भी पत्ते है उन्हें एक तीर से छेद दें. जब वह तीर श्रीकृष्ण के पैर के नीचे जानबूझकर दबाएं पत्ते को छेदने आया तो महान वीर को गले से लगा लिया. फिर भगवान श्रीकृष्ण ने महाभारत के उद्देश्य की पूर्ति हेतु आहुति के लिए याचक के रूप में बर्बरीक का सिर प्राप्त कर कहा कि तुम महाभारत का पूरा युद्ध देखोंगे और पूरा संसार कलियुग में भी तुम्हें मेरे नाम से पूजेगा और हर हारे के सहारा बनोगे.



भावपूर्ण भजन गायन व भाव नृत्य से मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के मन के भाव व चित्त श्याममय हो गए.

राजेश सुन्दरका ने बताया कि श्री श्याम भक्त मदिर आने पर सबसे पहले श्री श्याम बाबा की अखंड ज्योत की पूजा कर आशीर्वाद लेते, उसके बाद भजन की सुर लहरी और भगवद प्रसंगों में शामिल हो जाते थे. प्रमुख रूप से भजन के साथ भाव नृत्य के कारण श्री श्याम मंदिर में जहाँ भक्ति की रसधारा बहती रही, वहीँ बाबा के जयकारे से पूरा वातावरण गुंजायमान होता रहा. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्त्री, पुरुष व बच्चे सहित श्याम भक्त उपस्थित थे.

© Sitamarhi LIVE | Team



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