विभाग की लापरवाही, मर रहे लोग, सीतामढ़ी में 6 वेंटिलेटर बनी शोभा की वस्तु

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कोरोना महामारी के कारण सीतामढ़ी समेत देशभर में त्राहिमाम मचा है. लोग इलाज के अभाव में दम तोड़ रहे हैं. कहीं अस्पतालों में बेड नहीं है तो कहीं ऑक्सीजन नहीं और यह दोनों मिल भी जाए तो वेंटिलेटर की कमी. लोगों का इलाज भगवान भरोसे है.

इसी कड़ी में सीतामढ़ी जिले में भी छह वेंटीलेटर धूल फांक रहे हैं. 6 वेंटीलेटर में से 4 वेंटिलेटर सीतामढ़ी सदर अस्पताल में जबकि दो वेंटिलेटर महिला आईटीआई में बने डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में रखा गया है. कोविड अस्पताल के दो वेंटिलेटर का तो पता नहीं लेकिन सदर अस्पताल में रखे 4 वेंटिलेटर अभी तक चालू नहीं हुए हैं.


इस बाबत सवाल पूछने पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी ना नुकुर करते रहे. बाद में सदर अस्पताल के प्रबंधक शंभू शरण सिंह ने बताया कि चार वेंटिलेटर सदर अस्पताल में और दो वेंटीलेटर कोविड अस्पताल में है. सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट लग रहा है. प्लांट चालू होते ही वेंटिलेटर भी चालू हो जाएगा.

वहीं, वेंटिलेटर चालू नहीं होने से नाराज यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मो. शम्स शाहनवाज ने जिला प्रशासन और सरकार पर सख्त टिप्पणी की है. उन्होंने कहा कि मेडिकल इमरजेंसी के दौर में सरकार भवन बनने का इंतजार कर रही है. प्रशासन की लापरवाही से जिले में छह वेंटीलेटर धूल फांक रहा है. इनसे कई जिंदगियां बचाई जा सकती थी लेकिन प्रशासन को लोगों की मौत के सिर्फ आंकड़े से मतलब है. उन्होंने प्रशासन और सरकार से अभिलंब सभी को चालू कराने की मांग की है.

बताते चलें कि बीते दिन हो स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी जिलों में उपलब्ध वेंटिलेटर की संख्या को विज्ञापन के माध्यम से आम लोगों को बताया गया था. साथ में यह भी कहा गया था कि वेंटिलेटर चलाने के लिए टेक्निशियन जिला स्तर पर बहाल किया जा सकता है. इसके अलावा यह भी कहा गया था कि निजी अस्पतालों को सरकारी अस्पतालों में पड़े वेंटिलेटर तत्काल अनुबंध के आधार पर दे दिया जाएगा, लेकिन यह सब बातें फाइलों में ही दब कर रह गई.

Report : Rahul Kumar Lath.



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