लापरवाही : सीतामढ़ी में अवैध रूप से चल रहे हैं कोचिंग संस्थान, अधिकारी बेपरवाह

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पिछले दिनों सूरत में एक निजी कोचिंग संस्थान में हुए हादसे में दर्जनों छात्रों ने अपनी जान गंवाई है. इतने बड़े हादसे के बावजूद सीतामढ़ी में शिक्षा विभाग में सबक नहीं लिया है.

अनुमान के मुताबिक जिले भर में 15 सौ से अधिक कोचिंग संस्थान चल रहे हैं जिनमें से सीतामढ़ी शहर में 300 से अधिक कोचिंग संस्थान अवैध रूप से चलाया जा रहा है. शहर के किसी भी कोचिंग संस्थान में आग से निपटने के लिए उचित प्रबंध नहीं किया गया है. एक छोटे से कमरे में सैकड़ों बच्चों को बैठा दिया जाता है. शहर के कई संस्थान दो मंजिला व तीन मंजिला इमारत में भी चलते हैं जहां से उतरने के लिए एक ही सीढ़ी है ऐसे में यदि कोई हादसा होता है तो यह किसकी जिम्मेदारी होगी ?

राज्य में निजी कोचिंग संस्थानों के निबंधन के लिए राज्य सरकार की ओर से 2010 में बिहार कोचिंग एक्ट लाया गया था. 6 साल बीतने के बाद 2016 में सीतामढ़ी जिले में निबंधन के लिए प्रक्रिया शुरू की गई थी. करीब 200 कोचिंग संस्थानों ने आवेदन जमा भी किया पर 3 साल बीत जाने के बाद अब तक कागज सिर्फ फाइलों में ही अटका है. हैरत की बात यह है कि कानून बनने के 9 साल बाद भी निबंधन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है और प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई भी नहीं की गई है.


शहर में जितने भी कोचिंग संस्थान चल रहे हैं उनमें से कई के शिक्षक बिना प्रशिक्षित हैं. कोचिंग संस्थानों ने अपने बचाव के लिए प्राइवेट कोचिंग एसोसिएशन भी बना कर रखा है. शहर की कोचिंग संस्थानों में सुरक्षा के नाम पर कुछ हो या ना हो लेकिन मोटी फीस वसूल करने में कोई कसर नहीं छोड़ते हैं.

सीतामढ़ी शहर में अवैध रूप से धड़ल्ले से कोचिंग चल रहे हैं लेकिन जिला प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई की पहल नहीं की जा रही है. मामला तूल पकड़ने के बाद सोमवार को शहर के विभिन्न कोचिंग संस्थानों में अग्निशमन विभाग ने जायजा लिया. विभाग ने तकरीबन 50 कोचिंग संस्थानों का दौरा किया है जिसमें से 23 कोचिंग संस्थानों को नोटिस जारी किया गया. हैरानी की बात तो यह है कि अग्निशमन विभाग को शहर में केवल 50 कोचिंग संस्थान ही दिखाई दिए.


© Sitamarhi LIVE | Team.



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  1. जिसके कारण ही सूरत में बहुत ही भयानक हादसा हुआ था…😢😢😢

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