रामायण सर्किट के तहत सीतामढ़ी, बक्सर व दरभंगा होंगे विकसित, जानें पूरी खबर

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केंद्र सरकार ने स्वदेश दर्शन योजना की रामायण परिपथ थीम के तहत बिहार और यूपी सहित नौ राज्यों में विकास के लिए 15 स्थानों की पहचान की है.

हालांकि सीतामढ़ी के पुनौरा में सीता के प्राकट्य स्थल परिसर में राम और सीता के जीवन पर आधारित संग्रहालय बनाने के प्रस्ताव से इंकार किया है. केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने राज्यसभा को मंगलवार को यह जानकारी दी.


उन्होंने बताया कि बिहार के सीतामढ़ी, बक्सर और दरभंगा, उत्तर प्रदेश के अयोध्या, नंदीग्राम, शृंगवेरपुर और चित्रकूट, मध्यप्रदेश के चित्रकूट, ओड़िशा के महेंद्रगिरी, छत्तीसगढ़ के जगदलपुर, महाराष्ट्र के नासिक और नागपुर, तेलंगाना के भद्राचलम, कर्नाटक के हम्पी और तमिलनाडु के रामेश्वर को स्वदेश दर्शन योजना की रामायण परिपथ थीम के अंतर्गत चिह्नित किया गया है. पर्यटन मंत्रालय ने राज्य सरकारों से रामायण परिपथ के अंतर्गत विकास के लिए परियोजना प्रस्ताव तैयार करने को कहा है.

सीतामढ़ी को अयोध्या के बराबर मिले दर्जा : जदयू सांसद

जदयू सांसद सुनील कुमार पिंटू ने मंगलवार को लोकसभा में अपने संसदीय क्षेत्र सीतामढ़ी में आधारभूत संरचना की कमी का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को विकास कार्यों में मां सीता की जन्मस्थली को भी अयोध्या के बराबर दर्जा देना चाहिए.


उन्होंने सदन में शून्यकाल के दौरान कहा कि सीतामढ़ी मां जानकी की जन्मस्थली है और इसका महत्व किसी भी तरह से अयोध्या से कम नहीं है. केंद्र सरकार को सीतामढ़ी को अयोध्या का दर्जा देकर इसके विकास कार्यों पर विशेष ध्यान देना चाहिए. सीतामढ़ी से नेपाल की तरफ जाने वाला मार्ग लंबे समय से खराब है, जिस पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है.

जदयू सांसद ने कहा कि दरभंगा और मुजफ्फरपुर में हवाई अड्डों से उड़ानों का परिचालन जल्द शुरू होना चाहिए, ताकि सीतामढ़ी पहुंचने वालों को भी फायदा हो सके.

Input : Prabhat Khabar.



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  1. बोखरा(सीतामढी)सं.सःप्रखंड के चकौती पंचायत के बड़ी सौरिया गाँव स्थित वार्ड तीन निवासी सीमा कुमारी पति चंद्रिका प्रसाद गुप्ता ने सीडीपीओ,आईसीडीएस के प्रधान सचिव एवं जिला पदाधिकारी के यहाँ एक आवेदन भेंज कर आंगनवाड़ी केन्द्र संख्या-104 पर गलत तरीके से फर्जी प्रमाण पत्र पर कार्यालय के कर्मियों की मिलीभगत से तत्कालीन सीडीपीओ के द्वारा मीरा कुमारी की चयन कर दिए जाने की शिकायत करते हुए चयन प्रक्रिया को निरस्त किए जाने एवं दोषियों के बिरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।संबंधित अधिकारियों के यहाँ भेजे गए आवेदन में आवेदिका सीमा ने बतायी है, की फर्जी तरीके से आंगनवाड़ी सेविका के चयन किए जाने के बिरुद्ध उसके द्वारा पटना उच्च न्यायालय में परिवाद पत्र दायर कर दिया गया।इसके बावजूद चयन किए गए सेविका को प्रशिक्षण में भेंजा गया है।जबकि न्यायालय में लंबित मामले का रीड पत्र बालविकास परियोजना कार्यालय में उपलब्ध है।दिए गए आवेदन पत्र में बताया गया है, की वह आंगनवाड़ी केन्द्र संख्या-104 पर सेविका पद के लिए आवेदन की थी।और उसका नाम फाइनल मेघा सूचि में प्रथम स्थान पर अंकित था।बाबजूद दूसरे स्थान पर रहने वाली मीरा कुमारी की बहाली कर दिया गया।उक्त फर्जी चयन के बिरुद्ध उच्च न्यायालय पटना में परिवाद पत्र दायर कर दी।मामला न्यायालय में लंबित रहने के बावजूद पुनः तीसरे स्थान पर रहने वाली रुन्ना कुमारी का चयन कर दिया गया एवं उसे प्रशिक्षण में भी भेंज दिया गया।जो पूरी तरह से फर्जी है।बताया की मामला न्यायालय में लंबित रहने के बावजूद चयन प्रक्रिया किया जाना न्यायालय की अवमानना है।आवेदिका सीमा ने बताया की उक्त केन्द्र पर मोटी रकम लेकर चयन प्रक्रिया किया गया है।जो सरासर गलत है।

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