पेट्रोल-डीजल पर ‘वाटर सेस’ लगाने की तैयारी, बजट में ऐलान कर सकती है सरकार

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बजट में वाटर सेस के अलावा पानी से जुड़ी कुछ योजनाओं का भी ऐलान हो सकता है.

जल प्रबंधन के लिए नया जल मंत्रालय के गठन का भी ऐलान किया जा सकता है.
देश में पानी खत्म हो रहा है. कई राज्यों में सूखा है. बारिश कम हुई है और पानी का स्तर लगातार घट रहा है. 2030 तक 40 फीसदी आबादी प्यासी रह सकती है. ये रिपोर्ट कुछ समय पहले नीति आयोग ने सरकार को सौंपी थी. इससे पहले सेंट्रल वाटर कमीशन भी जल संकट को लेकर चेतावनी दे चुका है. ऐसे में अब सरकार जल संकट से निपटने की तैयारी में है. सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, मोदी सरकार बजट में जल संरक्षण के लिए वाटर सेस (Water Cess) का ऐलान कर सकती है

नया मंत्रालय बनाने की भी तैयारी
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, बजट में वाटर सेस के अलावा पानी से जुड़ी कुछ योजनाओं का भी ऐलान हो सकता है. सूत्रों की मानें सरकार जल प्रबंधन के लिए नया जल मंत्रालय के गठन का भी ऐलान किया जा सकता है. सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय ने वाटर सेस से जुड़ा एक प्रस्ताव भी तैयार किया है. वाटर सेस को लगाने के पीछे सरकार का मकसद है कि जल संकट से जुड़ी योजनाओं को अमली जामा पहनाया जा सके.
बता दें, बीजेपी ने लोकसभा 2019 के चुनाव से पहले अपने संकल्प पत्र में भी कुछ वादे किए थे. इन्हीं में जल प्रबंधन को लेकर भी एक वादा था. अब उस वादे को पूरा करने के लिए सरकार वाटर सेस लगाने की तैयारी में है. सरकार चाहती है कि अपशिष्ट जल (वाटर वेस्ट) को रीसाइकिल किया जाए.


पेट्रोल-डीजल पर लगेगा वाटर सेस
वित्त मंत्रालय के विश्वसनीय सूत्रों के मुताबिक, वाटर सेस को पेट्रोल-डीजल पर लगाया जा सकता है. दरअसल, ज्यादातर उत्पादों पर जीएसटी लगता है. लेकिन, पेट्रोल-डीजल अभी भी जीएसटी के दायरे से बाहर है. ऐसे में सरकार पेट्रोल-डीजल पर ही वाटर सेस लगा सकती है. पेट्रोल-डीजल पर सेस लगाने से सरकार को भी जो भी राजस्व मिलेगा, उसका इस्तेमाल जल संकट से जुड़ी योजनाओं पर किया जाएगा.

कितना लगाया जाएगा सेस
सूत्रों के मुताबिक, पेट्रोल-डीजल पर 1 रुपए तक सेस लगाया जा सकता है. हालांकि, यह अभी नहीं कहा जा सकता है कि 100 रुपए के पेट्रोल पर कितना सेस लगेगा और 1000 रुपए पर कितना. लेकिन, सेस की अधिकतम सीमा 1 रुपए हो सकती है.


क्यों है सेस लगाने की संभावना
सेंट्रल वाटर कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक, तमिलनाडु में इस साल बारिश में 41% की कमी आई है. इससे संकेत है कि चेन्नई भारत का पहला सूखा शहर बनने की ओर अग्रसर है. वहीं, नीति आयोग की रिपोर्ट में 2030 तक 40 फीसदी आबादी के लिए पानी खत्म होने का जिक्र किया गया था. रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जल संकट से सबसे बुरा हाल बड़ शहरों का होगा. 2020 से ही पानी की समस्या शुरू हो जाएगी. करीब 10 करोड़ लोग पानी से वंचित हो सकते हैं.

महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल
देश की राजधानी दिल्ली में दो दिनों में पेट्रोल 12 पैसे लीटर महंगा हो गया है. वहीं, डीजल 11 पैसे प्रति लीटर महंगा हो चुका है. इंडियन ऑयल की वेबसाइट के मुताबिक, दिल्ली, कोलकता, मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल के दाम बढ़कर क्रमश: 70.12 रुपये, 72.43 रुपये, 75.87 रुपये और 72.89 रुपये प्रति लीटर पहुंच गए हैं. चारों महानगरों में डीजल के दाम क्रमश: 64.01 रुपये, 65.93 रुपये, 67.11 रुपये और 67.70 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं.



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