पुलिस अभिरक्षा में मौत के मामले में पुलिस व सरकार के खिलाफ़ नारेबाजी | सीतामढ़ी लाइव

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सीतामढ़ी पुलिस की हिरासत में दो आरोपी तो की मौत का मामला गंभीर होता जा रहा है. इस मामले में तमाम प्रशासनिक कार्रवाई के बीच शनिवार को सीतामढ़ी के विभिन्न राजनीतिक दलों ने संयुक्त रूप से पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन किया.

धरने पर बैठे विभिन्न संगठन के लोग

प्रदर्शनकारियों ने सरकार एवं पुलिस के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शन के दौरान सीतामढ़ी शहर के मेहसौल चौक पर तकरीबन 3 घंटे तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा. इस दौरान पुलिस मूकदर्शक बनी रही. सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लगी थी. प्रदर्शन कर रहे हैं नेताओं ने कहा कि पुलिस अभिरक्षा में हुई मौत के मामले में तत्कालीन पुलिस अधीक्षक एवं सदर एसडीपीओ पर धारा 302 के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए. इसके अलावा मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग को लेकर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल के नाम एक मांग पत्र सदर एसडीएम मुकुल कुमार गुप्ता व एएसपी विजय शंकर सिंह को सौंपा है.


नेताओं से बात करते हैं सदर एसडीएम मुकुल कुमार गुप्ता व एएसपी विजय शंकर सिंह

मांग पत्र में सभी दोषी पुलिसकर्मियों को नौकरी से बर्खास्त करने एवं पीड़ित परिवार को 50 – 50 लाख रुपए की मुआवजा देने के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने संबंधी मांग की गई है. युवा एकता मंच के नेता रेहान खान ने कहा कि उच्च न्यायालय की निगरानी में निष्पक्ष जांच हो जिसमें दोषी अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाए व पीड़ितों को आर्थिक मुआवजा दिया जाए.

धरना-प्रदर्शन करने वालों में सीतामढ़ी के नगर विधायक सुनील कुशवाहा, राजद के जिला अध्यक्ष मो° शफीक खान, जन अधिकार पार्टी के जिला अध्यक्ष सैयद एहतेशामुल हक, लोजद के प्रदेश महासचिव मो. जुनैद आलम, सीपीआई के जिला अध्यक्ष जय प्रकाश राय, कांग्रेस नेता परवेज आलम अंसारी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मो. शम्स शाहनवाज, विश्व जागरण मंच के संस्थापक अमित चौधरी उर्फ माधव चौधरी, गोपाल झा, अभिराम पांडे, मनीष चौधरी, अल्पसंख्यक एकता मंच के संस्थापक मो. तनवीर आलम, रेहान खान, मो. उजाले, एआईएमएम के जिला अध्यक्ष हामिद रजा खान, रालोसपा नेता आरिफ हुसैन, मेहसौल गोट सरपंच प्रतिनिधि मो. नौशाद, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष जलालुद्दीन खान, मोहम्मद गुलाम रसूल, सीताराम झा, सेराज अहमद, इंसाफ मंच के अध्यक्ष नियाज सिद्दीकी, सिकंदर हयात खान, मो. मुर्तुजा मेहसौलवी, अध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ लोजद मोबीन अशरफ, आप नेता मो. इमरान खान, मो. सलाम मेहसौल पूर्वी पचंयायत समिति प्रतिनिधि, अफरोज आलम, शाह आलम, मो. अजीज खान, अनहारी के पूर्व मुखिया नन्हे अंसारी, इरशाद अशरफ, कांग्रेस नेता संजय शर्मा, मो. तौकीर अनवर, अफजल राणा, नैयर अंसारी, जुबैर अंसारी, अबुल हसन अंसारी सहित सैकड़ों की संख्या में लोग थे.


जानिए, क्या है पूरा मामला :-

दरअसल, मंगलवार को सीतामढ़ी पुलिस ने पूर्वी चंपारण जिले के चकिया थाने के रमडीहा निवासी गुफरान और तस्लीम आलम को गिरफ्तार किया था. इन दोनों पर 20 फरवरी की रात मुजफ्फरपुर हाईवे पर हत्या व लूटपाट का आरोप था. पुलिस ने गिरफ्तार कर पूछताछ के लिए डुमरा थाना के हाजत में पुलिस अभिरक्षा में रखा था. इसी दौरान पुलिस पर आरोप है कि पूछताछ में थर्ड डिग्री का इस्तेमाल हुआ और दोनों की हालत खराब हो गई. बुधवार की शाम को दोनों को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां घंटे भर में दोनों की मौत हो गई थी. मामला सामने आने के बाद डुमरा थाना अध्यक्ष समेत आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया तथा सभी पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था. लेकिन सभी दोषी को पुलिसकर्मी फरार हो गए.



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