डीएम के निर्देश पर छापेमारी, जिले के 75 फर्जी क्लीनिक सील

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जिले में लगातार फैल रहे अवैध क्लीनिक, नर्सिंग होम और अस्पताल के खिलाफ बुधवार की रात से शुरू प्रशासन का मैराथन छापेमारी अभियान गुरुवार को भी जारी रहा। इस दौरान कुल 75 फर्जी क्लीनिक को सील किया गया, वहीं कई क्लीनिक संचालकों के खिलाफ नोटिस की कार्रवाई की गई है।

डीएम के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन के बाद जिले के फर्जी और अवैध क्लीनिक संचालकों में हड़कंप मच गया है। छापेमारी ऑपरेशन की शुरूआत बुधवार की रात सीतामढ़ी शहर से हुई। डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों की टीम ने सदर अस्पताल गेट स्थित मां भगवती हॉस्पीटल में छापेमारी कर इस क्लीनिक को सील किया, यहां एक दवा दुकान को भी सील किया गया।


जबकि गुरुवार को अधिकारियों की टीम ने अस्पताल रोड स्थित श्यामा हॉस्पीटल और संजीवनी अस्पताल में छापेमारी की। इस दौरान दोनों अस्पताल में सिजेरियन मरीज रहने के चलते जांच टीम ने मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट करने का आदेश देते हुए चिकित्सकों को नोटिस थमा शनिवार तक जवाब देने का आदेश दिया। बताया गया कि दोनों क्लीनिक को भी सील किया जाएगा। इसी बीच सीएस डॉ. रवींद्र कुमार द्वारा तीनों अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ नगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

बताते चलें कि डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में एसडीओ सदर मुकुल कुमार गुप्ता, एसडीपीओ सदर डॉ. कुमार वीर धीरेंद्र, डीपीआरओ परिमल कुमार, सीएस डॉ. रवींद्र कुमार, डीइओ मुकेश कुमार, श्रम अधीक्षक मनीष कुमार, उत्पाद अधीक्षक संजय कुमार राय, बीडीओ मुकेश कुमार, सीओ समीर कुमार आदि की टीम ने सदर अस्पताल गेट स्थित मां भगवती अस्पताल में छापेमारी की।


टीम को देखते ही चिकित्सक फरार हो गए। टीम ने मौके से चार कर्मियों को हिरासत में लिया। जिन्हें पूछताछ के बाद मुक्त कर दिया गया। जांच के दौरान पाया गया कि इस क्लीनिक के बोर्ड पर डॉ. पुष्पलता सिन्हा व डॉ. तारिव अनवर लिखा हुआ था। जबकि यहां भर्ती मरीज के पास से बरामद पर्ची पर भवानी हॉस्पीटल और डॉक्टर का नाम अर्चना कुमारी लिखा हुआ है। चिकित्सक की डिग्री आयुर्वेद की मिली। इसके बाद यहां भर्ती मरीजों को सदर अस्पताल में शिफ्ट कराते हुए क्लीनिक को सील कर दिया गया।

गुरुवार को एसडीओ सदर, डुमरा बीडीओ और सीओ की टीम ने अस्पताल रोड स्थित डॉ. ममता सिन्हा के श्यामा हॉस्पीटल में छापेमारी की। यहां आयुर्वेद की डिग्री पर ऑपरेशन का उदभेदन हुआ। इस क्लीनिक में छह मरीज का सिजेरियन ऑपरेशन किया गया था। यहां तैनात स्टाफ अनपढ़ पाए गए। वहीं डॉ. अनिल कुमार सिंह के संजीवनी अस्पताल की जांच के दौरान पर्ची पर निबंधन संख्या नहीं पाया गया। यहां आठ सिजेरियन मरीज भर्ती थे। मौके पर न डॉक्टर मिले और नहीं कर्मी। यहां अस्पताल की कोई सुविधा नहीं मिली। लिहाजा दोनों क्लीनिक के चिकित्सक को नोटिस जारी कर शनिवार तक जवाब मांगा गया। वहीं दोनों चिकित्सक को भर्ती मरीजों को अन्यत्र शिफ्ट करने का आदेश दिया गया। डुमरा बीडीओ मुकेश कुमार ने बताया कि संजीवनी और श्यामा हॉस्पीटल को सिजेरियन मरीज के भर्ती रहने के चलते सील नहीं किया गया।

Team.




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