डीएम-एसपी उतरे सड़क पर, सुबह होने तक चला अभियान | सीतामढ़ी लाइव

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डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह और एसपी अनिल कुमार अधिकारियों की टीम के साथ बुधवार की रात शहर की सड़कों पर उतरे।

गुरुवार की सुबह होने तक चले ऑपरेशन के दौरान डीएम-एसपी समेत अधिकारियों ने शहर और आसपास के इलाकों से जहां 26 नेपाली और दो भारतीय समेत 28 बालश्रमिकों को मुक्त कराया।

वहीं दो यात्री बसों का परमिट रद करने का आदेश दिया। कई बस चालकों से जुर्माने की वसूली की। साथ ही आधा दर्जन पियक्कड़ों को गिरफ्तार किया गया। जबकि एक सेंट्रो कार और शराब भी जब्त की गई। रात नौ बजे डीएम-एसपी शहर के स्टेशन रोड पहुंचे। प्रशासनिक टीम के पहुंचते ही स्टेशन रोड में हड़कंप मच गया। अफरातफरी के बीच पियक्कड़ और धंधेबाज फरार हो गए। अवैध शराब, कैश व शस्त्र आदि को लेकर सघन छापेमारी की गई।



इस दौरान कई शराबी और वाहन भी पकड़े गए। छापेमारी के दौरान प्रशिक्षित डॉग का भी सहारा लिया गया। टीम ने मेहसौल चौक, स्टेशन रोड व खैरवा मोड़ सहित कई स्थानों पर गहन तलाशी ली। रात 12 बजे खैरवा मोड़ के पास एक सेंट्रो और एक वैगनआर कार को जब्त कर लिया गया। वहीं कार में शराब के नशे में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया।


12 बजकर 18 मिनट पर डीएम-एसपी का काफिला कांटा चौक पहुंचा। जहां सघन जांच शुरू की गई। इस दौरान कई ओवर लोड वाहनों को पकड़ा गया। रात 1 बज कर पांच मिनट पर कांटा चौक के पास हाईवे पर दो यात्री बसों को रोक कर तलाशी ली गई। इस दौरान कई नेपाली बाल श्रमिक मुक्त कराए गए। रात 1.14 बजे दूसरे बस से दस बाल श्रमिक बच्चे मुक्त कराए गए। डीएम ने सभी का किराया वापस करवाया। बस चालक-संवाहक की क्लास लगाई।



रात 1.20 बजे एक अन्य बस से भी आठ नेपाली बाल श्रमिक मुक्त करवाए गए। सभी बच्चों को चेन्नई ले जाया जा रहा जा था। इस दौरान दोनों यात्री बसों से जुर्माना वसूला गया। डीएम ने दोनों बस का परमिट रद करने का आदेश दिया। इसी बीच रात 1.50 बजे तीसरी बस से भी आठ नेपाली बाल श्रमिक मुक्त कराए गए। ढाई बजे रात में हाईवे से होते हुए अधिकारियों की टीम जांच पड़ताल करती निकली। तीन बजे टीम जिला मुख्यालय डुमरा पहुंची।



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