एनएच 104 सड़क, बिल्डर्स के कारण आम जनता धूल फांकने को मजबूर

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शिवहर जिले का दुर्भाग्य ही है कि होते होते काम रुक जाता है, और शुरू तो होता है पर छीन भी जाता है, ऐसा उदाहरण शिवहर जिले में अक्सर होता आया है, कई योजनाओं ,कई पुल पुलिया बनने से पहले ही रुक जाता है ,चाहे वह डिग्री कॉलेज हो या रेल परियोजना चाहे एनएच 104 का चौड़ीकरण हो या बेलवा घाट पुल, अक्सर शिवहर जिले में ऐसा देखने को मिला है कि काम बनते बनते बिगड़ भी जाता है जिसका एक उदाहरण एनएच 104 सड़क का है।

जी हां, एनएच 104 चौड़ीकरण के मामले को लेकर हालांकि जिला प्रशासन गंभीर भी है पर उन्हीं के उदासीनता के कारण आज एनएच 104 सड़क बन नहीं पा रहा है। 156 करोड़ रूपए का यह प्रोजेक्ट यूएसए के कंपनी के द्वारा एनएच 104 का प्रथम पैकेट के तहत 28 किलोमीटर एनएच 104 का चौड़ीकरण हेतु शिवहर जीरोमाइल चौक से सीतामढ़ी पंथपाकर तक होना था जिसे बीच में ही बिल्डर्स के द्वारा छोड़कर रफूचक्कर हो जाने के कारण काम अधर में लटक गया है।


गौरतलब हो कि दो जिला से जोड़ने वाली मुख्य सड़क एनएच 104 है परंतु अधर में काम लटक जाने के कारण सड़क किनारे बसे दोनों तरफ से आवासीय लोगों को बड़ी ही कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है ,सड़क पर गाड़ियां चलने से धूल उनके घरों में घुसकर अपना साम्राज्य फैला रहा है जिस कारण खांसी, दमा की बीमारियां फैल रही है ,वहीं सड़क किनारे पेड़ पौधे का भी बुरा हाल है दुकानों को तो और ही बुरा हाल है खाद्य पदार्थ के सामानों पर उड़ती धूल के कारण दयनीय स्थिति हो गई है।

सड़क व मिट्टी का धूल, गड्ढा यह सब स्थिति अभी देखने को मिल रही है जो विगत 20 साल में भी ऐसा बदतर स्थिति नहीं था। बताते चलें कि मौजूदा समय में सीतामढ़ी जिले के बखरी पमरा पुल से लेकर धोनी, परसौनी, शिवहर जिले के धनकौल, डूबा , धनकौल बांध से लेकर देकुली बांध के बीच, तथा रसीदपुर पुल से लेकर शिवहर जीरोमाइल चौक तक सड़क की स्थिति इतना दयनीय है कि कभी भी किसी भी समय दुर्घटना होता रहता है परंतु उक्त सड़क के दोनों किनारे बसे घरों का स्थिति और भी दयनीय हो गया है सड़क की धूल से जनजीवन प्रभावित हो रहा है।


बताते चलें कि एनएच 104 सड़क को बनाने को लेकर आरसीएम एवं सुनील हाइटेक बिल्डर्स के द्वारा 156 करोड़ रुपए का प्रथम पैकेट के तहत 28 किलोमीटर सड़क बनाने की ठेकेदारी दी गई थी,।

आरसीएम एवं सुनील हाइटेक कंपनी के द्वारा कुछ दिनों तक कार्य को गति दी गई फिर एक और कंपनी आरके बिल्डर्स को बनाने की जिम्मेवारी दी पर यह कंपनी भी कुछ ही दिनों तक काम करा पाया, उसके बाद सुनील हाइटेक बिल्डर्स के द्वारा किसी तीसरे व्यक्ति मिलीनियम बिल्डर्स को उक्त काम करने की जिम्मेवारी दी उनके द्वारा भी कुछ दिनों तक एनएच 104 का काम करवाया गया परंतु उनके द्वारा भी काम पूरा नहीं होने पर पुनः सुनील हाईटेक कंपनी के द्वारा फिर से काम प्रारंभ किया गया और अंतत हुआ भाग गया है।

जानकारी के मुताबिक मुख्य बिल्डर्स सुनील हाइटेक कंपनी के द्वारा तकरीबन 80 करोड़ रुपए निकाल लेने के बावजूद भी जहां पर कंपनी का प्रोजेक्ट स्थल बना हुआ है उस जमीन मालिक जो 12 बीघा जमीन अभिनय कुमार सिंह का है उसका तकरीबन 4 लाख रुपैया किराया बाकी है तथा उक्त सड़क बनाने में मिट्टी वालों का, जमीन वालों का ,मशीनरी जिनका उपयोग किया गया है ,स्टाफ खर्च ,मेस खर्च, जो गार्ड तैनात है उनका, कथा जो कल ठेकेदार उसमें उनके द्वारा कार्य किया गया है सामान का उपयोग किया गया है उसका तकरीबन 6 करोड रुपया बकाया है।

सुनील हाइटेक कंपनी के द्वारा उक्त लोगों का भुगतान नहीं करने के कारण यह काम एनएच 104 का लंबित है, जबकि उनके जीएम राकेश कुमार तथा उनके जीपीएम के द्वारा द्वितीय पैकेट का काम दूसरे जगह बिहार में ही किया जा रहा है।

गौरतलब हो कि एनएच 104 चौड़ीकरण को लेकर स्थानीय सांसद रमा देवी के अथक प्रयास से सड़क बनाने का अनुमति मिली थी जबकि इसके लिए उक्त सड़क को बनाने के लिए सुनील हाइटेक बिल्डर्स को मात्र 730 दिन यानी 24 महीना में पूर्ण कराने को लेकर एग्रीमेंट किया गया था इसके तहत उक्त कंपनी के द्वारा 4 मई 2016 को एनएच 104 सड़क शिवहर जीरोमाइल चौक से सीतामढ़ी पंथपाकर तक 28 किलोमीटर का कार्य शुरू किया गया था।

एक ठेकेदार एसएस अली ने बताया है कि ठेकेदारों का भुगतान नहीं दे रहे हैं तथा यहां के पैसा निकालकर हैदराबाद या मुंबई ले जाकर सुनील हाइटेक कंपनी के द्वारा वहां कार्य कराए जा रहा हैं।

ऐसे में शिवहर की आम जनता एवं सीतामढ़ी के आम जनता दोनों डीएम पर पैनी नजर रखे हुए हैं कि कब दोनों डीएम अपने आदेश से उक्त बिल्डर्स के खिलाफ कार्रवाई करते हुए एनएच 104 सड़क को बना पाएंगे।

हालांकि चुनाव से पूर्व शिवहर सांसद रमा देवी एवं सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के मंत्री नितिन गडकरी के साथ एक विशेष बैठक की गई थी जिसमें एनएच 104 को कयाकल्प करने का विचार-विमर्श किया गया था, परंतु अभी तक उसका असर दिख नहीं रहा है।

रिपोर्ट : संजय गुप्ता | शिवहर



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