ऐसे थे डीएम डॉ. रणजीत कुमार सिंह, पढ़िए राहुल का ब्लॉग

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जिला बनने के बाद से अब तक सीतामढ़ी में कुल 49 जिलाधिकारी आ चुके हैं लेकिन जो लोकप्रियता डॉ रणजीत कुमार सिंह ने बनाई, आज तक कोई ना कर सका.

08 मई 2018 को सीतामढ़ी के 48 वें जिलाधिकारी के रूप में डॉ रणजीत कुमार सिंह ने अपना कार्यभार संभाला, इससे पूर्व वे सामान्य प्रशासन विभाग में अपर सचिव के रूप में कार्य कर रहे थे. डॉक्टर सिंह गुजरात कैडर के आईएएस अधिकारी है जो दडेपुटेशन पर 3 वर्षों के लिए बिहार आए हैं. जब उन्होंने का अपना कार्यभार संभाला तब किसी ने सोचा भी नहीं था कि वह मात्र 11 महीने में लोगों के दिलों में ऐसे बस जाएंगे कि उनके ट्रांसफर का भी विरोध होने लगेगा.



डॉ. रणजीत कुमार सिंह के नाम सीतामढ़ी में एक से बढ़कर एक रिकॉर्ड बनाने का कीर्तिमान दर्ज है. सीतामढ़ी बिहार का पहला ओडीएफ जिला उन्हीं के नेतृत्व में घोषित किया गया था. इसके बाद सीतामढ़ी समाहरणालय को आईएसओ सर्टिफिकेट भी उनके नेतृत्व में मिला. इसके साथ ही उनके नाम कई कीर्तिमान दर्ज है. देर रात तक काम करना और आम लोगों से आसानी से मिलना, यह उनके प्रभाव में था.


9 अप्रैल 2019 को अचानक से देर शाम एक नोटिफिकेशन जारी होता है जिसमें बताया जाता है कि सीतामढ़ी के डीएम का तबादला कर दिया गया है. डीएम के तबादले की खबर इतनी तेजी से चलती है जितनी तेजी से जंगल में आग फैलता है. डीएम के तबादले पर लोगों ने करीब प्रतिक्रिया दी और सीतामढ़ी के विकास को रोकने वाला फैसला बताया. लेकिन चुनाव आयोग जन भावना में कार्य नहीं करता, अतः 10 अप्रैल को सीतामढ़ी के डीएम आवास पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा उन्हें विदाई देने के लिए. जो लोग भी उनसे मिले हैं उनकी तारीफ करते नहीं थक रहे थे. अब डॉ. सिंह आपदा प्रबंधन विभाग में अपर सचिव के पद पर पटना सचिवालय में अपना योगदान दे रहे हैं. यह लेख राहुल कुमार लाठ द्वारा लिखा गया है.


© Sitamarhi LIVE | Team



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