दुकान पर काम करने वाले श्रमिकों की मृत्यु पर परिवार को मिलेंगे 20 हजार, जानिए कौन होगा पात्र

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कोरोना संक्रमण काल में यदि दुकान पर काम करने वाले श्रमिक का निधन हुआ तो श्रम विभाग के श्रम कल्याण परिषद की ओर से उसके परिवार के आश्रित को 20 हजार रुपये की अंतेष्टि सहायता मिलेगी। कोरोना काल में कोरोना संक्रमण या बिना संक्रमण के सामान्य निधन पर भी उसे यह लाभा मिलेगा। मृत्य प्रमाण पत्र और 15 हजार रुपये से कम मासिक वेतन का प्रमाण पत्र जो दुकानदार देगा। आधारकार्ड व बैंक खाते के साथ के साथ परिषद की वेबसाइट पर www.skpuplabour.in आनलाइन आवेदन किया जा सकता है। श्रमिक किसी भी जन सुविधा केंद्र व साइबर कैफ से आवेदन कर सकते हैं।

एक साल में पंजीकृत श्रमिकों की संख्या हुई चार गुना: पिछले संक्रमण काल में लखनऊ श्रमिकों की संख्या 58952 थी जो इस साल बढ़कर 78952 हो गई है। सूबे में पिछले साल श्रमिकाें की संख्या 18 लाख थी जाे बढ़कर 67 लाख हो गई है। पड़ताल में सूबे में 23 लाख श्रमिक संक्रिय पाए गए हैं। लखनऊ के उप श्रमायुक्त रवि श्रीवास्तव ने बताया कि सरकार की मंशा के सापेक्ष श्रमिकों के पंजीयन के लिए जगह-जगह शिविर लगाए गए जिसका नतीजा है कि पंजीकृत श्रमिकों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। उन्हें श्रमिक योजनाओं का भी लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री की ओर से शीघ्र ही पंजीकृत सक्रिय श्रमिकों के खाते में एक हजार रुपये आपदा राहत राशि भेजी जाएगी जिसकी तैयारी पूरी हो गई है। उन्होंने बताया कि दुकान पर काम करने वाले श्रमिकों की जिनका वेतन 15 हजार से कम है, उन्हें 20 हजार रुपये की अंतेष्टि सहायता राशि दी जाएगी।


संक्रमित श्रमिकों को मिलेगा 28 दिन का सवेतन अवकाश: कोरोना संक्रमण की वजह से कारोबार पर पड़े प्रभाव को देखते हुए श्रम विभाग की ओर से श्रमिकों की सहायता की जा रही है। कोरोना संक्रमण काल में सरकार ने संक्रमित श्रमिकों के हितों को देखते हुए 28 दिन का सवेतन अवकाश देने का निर्णय लिया है। ऐसे सभी कारखानों और संस्थानों में यह लागू होगा जहां श्रमिक अधिनियम कानून लागू है। संक्रमण की वजह से अवकाश पर रहे श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा।



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