Delhi-NCR के इन इलाकों में इंटरनेट सेवा बंद, किसानों ने लाल किले पर फहराया अपना झंडा

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नए कृषि कानूनों (New Agriculture Laws) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन हिंसक हो गया है. गणतंत्र दिवस (Republic Day) के दिन ट्रैक्टर मार्च निकाल रहे किसानों का राजधानी दिल्ली में हंगामा जारी है. प्रदर्शनकारी किसान पहले से तय रास्ते से हटकर दिल्ली में घुस गए और आईटीओ (ITO) में हिंसा करने के बाद लाल किला (Red Fort) पहुंच गए. लाल किला के ऊपर चढ़कर किसानों ने अपना झंडा फहरा दिया, हालांकि बाद में पुलिस ने झंडा उतार दिया.

किसानों की हिंसा के बाद केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने आपातकालीन बैठक बुलाई है. इस बैठक हैं गृह मंत्रालय के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद हैं. बैठक में दिल्ली-एनसीआर के हर हिस्से से हिंसा की जानकारी ली जा रही है और आगे की रणनीति पर चर्चा हो रही है. इसके साथ ही अतिरिक्त सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया है.


पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को लाल किले से हटाया

पुलिस ने लगभग 90 मिनट तक चली अफरातफरी के बाद प्रदर्शनकारी किसानों को लालकिला परिसर से हटा दिया. किसान अपनी ट्रैक्टर परेड के निर्धारित मार्ग से हटकर लाल किला पहुंच गए, जिसके बाद पुलिस ने परिसर को खाली कराने के लिए लाठीचार्ज किया. इससे पहले लगातार उद्घोषणा की जा रही थी कि प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण तरीके से लालकिले से हट जाएं.

दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशन बंद 

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन ने किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद कर दिए गए हैं. यलो लाइन पर सामयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, हैदरपुर बादली मोर, जहांगीर पुरी, आदर्श नगर, आजादपुर, मॉडल टाउन, जीटीबी नगर, विश्व विद्यालय, विधानसभा और सिविल लाइंस के प्रवेश / निकास द्वार बंद हैं. इसके अलावा दिलशाद गार्डन, झिलमिल, मानसरोवर पार्क, आईटीओ, लाल किला, जामा मस्जिद समेत कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए हैं.

दिल्ली के कुछ इलाकों में इंटरनेट बंद

गृह मंत्रालय ने अस्थायी रूप से सिंघु बॉर्डर, गाजीपुर बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर, मुकरबा चौक और नांगलोई में रात 1.59 बजे तक इंटरनेट सर्विस को निलंबित कर दिया है.

राहुल गांधी ने की हिंसा की आलोचना

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने किसानों के हिंसक प्रदर्शन की आलोचना की. उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है. चोट किसी को भी लगे, नुक़सान हमारे देश का ही होगा. देशहित के लिए कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो.’

प्रदर्शनकारियों ने लाल किले पर फहराया अपना झंडा

आईटीओ में हंगामा करने के बाद प्रदर्शनकारी किसान लाल किले पर पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया. इसके साथ ही किसान दिल्ली स्थित लाल किले के प्राचीर पर पहुंच गए हैं और लाल किले के प्राचीर पर अपने संगठन का झंडा फहरा दिया, हालांकि बाद में पुलिस ने इसे उतार दिया है. किसानों ने उस जगह पर अपना झंडा फहराया, जहां 15 अगस्त को प्रधानमंत्री झंडा फहराते हैं.

इन इलाकों में भारी ट्रैफिक जाम, बाहर निकलने से बचें

किसानों के प्रदर्शन के कारण आईटीओ, बादली रोड, केएन काटजू मार्ग, मधुबन चौक, कंझावाला रोड, पल्ला रोड नरेला, वजीराबाद रोड, आईएसबीटी, जीटी रोड, नोएडा लिंक रोड, गाजीपुर बॉर्डर से दिल्ली, करनाल-कुरुक्षेत्र से दिल्ली, रोहतक से दिल्ली, दिल्ली आउटर रिंग रोड, जीटीके रोड, आउटर रिंग रोड, बादली रोड, पाला रोड, नरेला, डीएसआईडीसी नरेला रोड, पुष्ता रोड, विकास मार्ग, एनएच-24 और रोड संख्या-57 में भारी ट्रैफिक जाम है. इसके अलावा नजफगढ़ बॉर्डर से नांगलोई जाना लगभग असंभव है. पुलिस ने सारे छोटे बड़े रास्ते बंद कर दिए है. भारी तादाद में किसान ढांसा बॉर्डर से होते हुए उत्तम नगर की तरफ गए थे. इसलिए पुलिस ने एहतियातन सभी रास्ते अब बंद कर दिए है.

आईटीओ में दिल्ली पुलिस पर हमला

आंदोलनकारियों ने दिल्ली में आईटीओ के पास पुलिस की टीम पर तलवार और लाठी डंडे से हमला कर किया. इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हो गए. किसानों ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी भी की. दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने किसानों की भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे. जिसके बाद किसान प्रदर्शनकारी और ज्यादा उग्र हो गए. किसानों ने पुलिस की टीम पर ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश भी की.

इन रूट्स पर किसानों को मिली थी रैली की अनुमति

सिंघु बॉर्डर : ट्रैक्टर रैली को सिंघु बॉर्डर से संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर, दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी, शाहबाद डेरी, बरवाला गांव, पूंठ खुर्द, कंझावला टी पॉइंट, कंझावला चौक, कुतुबगढ़, औचंदी बॉर्ड, खरखौदा टोल प्लाजा होते जाने की अनुमति मिली थी.

गाजीपुर बॉर्डर : ट्रैक्टर परेड गाजीपुर बॉर्डर से एनएच-24, रोड नंबर 56, आईएसबीटी आनंद विहार, अप्सरा बॉर्डर, हापुड़ रोड, भोपुरा, आईएमएस कॉलेज और लाल कुआं होते हुए वापस गाजीपुर बॉर्डर आनी थी.

टीकरी बॉर्डर : टीकरी बॉर्डर से निकले वाली ट्रैक्टर रैली को नांगलोई, बापरौला गांव, नजफगढ़ (फिरनी रोड को छोड़कर), झड़ौदा बॉर्डर, रोहतक बायपास (बहादुरगढ़), असौदा टोल प्लाजा से गुजरने की अनुमति मिली थी.

62 दिनों से जारी है किसानों का प्रदर्शन

नए कृषि कानूनों (New Agriculture Laws) के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन (Farmers Protest) पिछले 62 दिनों से जारी है और किसान लगातार तीनों कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे हैं. किसानों की मांग है कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी दी जाए और तीनों नए कृषि कानूनों को रद्द किया जाए.



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