1 july से बदलने वाले हैं बैंकों के ये नियम, इसे जरूर जान लें

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सरकार की तरफ से वित्तीय समावेशन समारोह (Financial Inclusive Programme) के जरिये किये गए बैंकों से जुड़े हुए तीन परिवर्तन 1 जुलाई से लागू होने जा रहे हैं। ये परिवर्तन बैंकों के आम ग्राहकों की रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर प्रभाव डालेंगे। तो आइये जानते हैं इन परिवर्तन को।

– NEFT और RTGS पर शुल्क हुए समाप्त


RTGS और NEFT से रकम स्थानांतरण पर शुल्क समाप्त कर दिया गया है। RTGS से बड़ी रकम तुरंत दूसरे बैंक खाते में भेजने की सुविधा है। NEFT तुरंत 2 लाख तक स्थानांतरण कर सकता है। डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने इस पर शुल्क समाप्त कर दिया है। SBI NEFT से राशि स्थानांतरण के लिए 1 से 5 रूपए का शुल्क लेता है। उधर, 5 से 50 रूपए का शुल्क RTGS के लिए लेता है।

– SBI का गृह ऋण (Home Loan) रेपो रेट से जुड़ा


1 जुलाई से home loan की ब्याज दरों को SBI रेपो रेट से जोड़ेगा। अब SBI home loan की ब्याज दर रेपो रेट पर आधारित हो जायेगी। इसका मतलब, RBI जब भी रेपो रेट को कम करेगी, तो home loan की EMI भी सस्ती हो जायेगी। RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee) ने लगातार तीन बैठकों में रेपो रेट में कुल मिलाकर 0.75 फीसदी का कटौती किया है। आगे भी ऐसी कटौती जारी रहती है, तो SBI का home loan भी लगातार सस्ता होगा।

जीरो बैलेंस वाले खाता धारकों को भी अन्य सुविधा मिलेगी
बैंकों में basic अकाउंट रखने वाले account holders को भी चेक बुक तथा अन्य सुविधा हासिल होंगी। इन account holders को बैंक न्यूनतम रकम रखने के लिए भी नहीं कह सकते। प्राथमिक बचत बैंक जमा खाता (BSBD) से मतलब ऐसे खातों से है जिसको जीरो बैलेंस के साथ खोला जा सकता है। इसमें कोई न्यूनतम राशि (minimum balance) रखने की आवश्यकता नहीं है। वित्तीय समावेशी अभियान (Financial Inclusive Campaign) के तहत BSBD खाते पर यह सुविधा 1 जुलाई से लागू होगी।



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