1 दिसंबर से बदल जाएगा ऑनलाइन ट्रांजेक्शन का नियम, अब आपको 24×7 मिलेगी सर्विस

0
9

अगर आप ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल करते हैं, तो आपके लिए एक खुशखबरी है. अगले महीने यानी दिसंबर महीने से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन से जुड़े एक नियम में बदलाव होने जा रहा है. भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए आरटीजीएस यानी रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम सर्विस को चौबीसों घंटे उपलब्ध कराने का फैसला किया है. दिसंबर 2020 से इस नई व्यवस्था के तहत ग्राहकों को इसका फायदा मिलने लगेगा.

दरअसल, दिसंबर 2019 में एनईएफटी प्रणाली को 24 घंटे के लिए उपलब्ध कराने के बाद आरबीआई अब आरटीजीएस से जुड़े नियम में बदलाव किया है. आरटीजीएस में फंड कुछ समय के बाद प्राप्त किया जाता है यानी पैसा तुरंत ही एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर हो जाता है. पैसा रियल टाइम आधार पर ट्रांसफर कर दिया जाता है.


कैसे काम करता है आरटीजीएस
बता दें कि बैंकों में बड़े लेन-देन करने के लिए रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट सिस्टम यानी आरटीजीएस का इस्तेमाल किया जाता है. इसके लिए न्यूनतम ट्रांसफर रकम दो लाख रुपये तक निर्धारित किया गया है, जबकि अधिकतम रकम की कोई सीमा नहीं है. एक ही बैंक में एक खाते से दूसरे खातें इसके जरिए फंड ट्रांसफर नहीं किया जा सकता. आरटीजीएस के जरिए एक बैंक के खाते से दूसरे बैंक के खाते में बड़ी रकम ट्रांसफर की जाती है. आरटीजीएस के अलावा, ऑनलाइन बैंकिंग सर्विस का इस्तेमाल करने वाले ग्राहक इंटरनेट और मोबाइल बैंकिंग के जरिए भी एनईएफटी और आईएमपीएस पेमेंट मोड के जरिए पैसों का लेनदेन कर सकते हैं.

लॉकडाउन के दौरान बढ़ा ऑनलाइन और डिजिटल ट्रांजेक्शन
देश में फैले कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में लागू लॉकडाउन के पहले तीन महीने के दौरान ऑनलाइन ट्रांजेक्शन में बढ़ोतरी देखने को मिली है. ऐसे में, आरबीआई ने भी ऑनलाइन और डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा देने के लिए आरटीजीएस को चौबीसों घंटे उपलब्ध कराने का फैसला किया है. इससे अब दिसंबर महीने से बैंक के ग्राहक चौबीसो घंटे बड़ी रकम का लेनदेन कर सकेंगे.

Input : Prabhat Khabar.



Comment Box