भारत बंद : जानिए कैसे पांच मिनट की देरी से चार वर्ष की मेहनत हुई बर्बाद

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किसान आंदोलन के बीच मंगलवार को दिल्ली – उत्तर प्रदेश के प्रवेश द्वार पर आवाजाही को लेकर आम जनता परेशान रही। लोग कार्य स्थल पर परेशानी उठाते हुए देरी से पहुंचे, वहीं भारत बंद का खामियाजा उन्हें भी भुगतना पड़ा जो कि एक दिन की परीक्षा के लिए कई वर्षों से मेहनत कर रहे थे। मंगलवार को नोएडा सेक्टर-62 स्थित आईऑन डिजिटल परीक्षा केंद्र में दिल्ली पुलिस कांस्टेबल भर्ती के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित की गई थी। यह परीक्षा सुबह, दोपहर और शाम तीन शिफ्ट में संचालित की गई थी, लेकिन दिल्ली एनसीआर में बिगड़ी यातायात व्यवस्था के कारण 100 से अधिक परीक्षार्थियों की प्रवेश परीक्षा छूट गई। पांच मिनट की देरी होने पर जब परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं मिला तो वह काफी हताश हुए और आखिर में निराश होकर लौटे।

हरियाणा के झज्जर के गांव बेरी से आए परीक्षार्थी सन्नी ने बताया कि वह अपने घर से सुबह पांच बजे निकल गए थे, उन्हें सबसे पहले ढांसा बॉर्डर पर रोका गया। इसके बाद वह गुरुग्राम के गांवों के बीच से होते हुए आगे एक बॉर्डर पार करते हुए गाजीपुर बॉर्डर पहुंचे, वहां से फिर ट्रैफिक डायवर्ट कर दिया गया। इसके कारण वह परीक्षा केंद्र पर तीन मिनट देरी से पहुंचे, जिसकी वजह से उन्हें परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं मिला।


वह बताते हैं कि बॉर्डर पर परीक्षा का प्रवेश पत्र दिखाने के बाद भी उन्हें पुलिस प्रशासन ने बॉर्डर पार करने की अनुमति नहीं दी, उनकी चार वर्ष की मेहनत कुछ ही मिनटों में बर्बाद हो गई। वहीं दिल्ली के बुराड़ी निवासी संजय सिंह बताते हैं कि वह बाइक से परीक्षा केंद्र पहुंच रहे थे, इस बीच कई मार्ग पर डायवर्जन के कारण वह जाम का शिकार हुए और रास्ता भी भटक गए। गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों ने रोका जिसकी वजह से उनका आधा घंटा बर्बाद हो गया। इससे बाद में प्रवेश पत्र देख भेज दिया गया। पांच मिनट देरी होने के कारण उन्हें भी परीक्षा देने का मौका नहीं मिल सका।

दिल्ली पुलिस में आठ हजार भर्ती निकाली गई थी, लेकिन भारत बंद के कारण इन परीक्षार्थियों का भविष्य एक बार फिर अधर में अटक गया। परीक्षा केंद्र में सबसे ज्यादा सुबह की शिफ्ट के परीक्षार्थी परेशान हुए सुबह 8:30 से 10 बजे की परीक्षा में करीब 60 परीक्षार्थियों की परीक्षा छूटी वहीं दोपहर 12:30 से 2 बजे की शिफ्ट में भी करीब 50 परीक्षार्थियों को प्रवेश नहीं मिला। भारत बंद के कारण 100 से अधिक परीक्षार्थियों को नुकसान हुआ। इस बीच परीक्षार्थी इस बात की मांग उठा रहे थे कि एसएससी को स्थितियां देखते हुए परीक्षा की तिथि को आगे बढ़ाने की घोषणा करनी चाहिए थी।



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