चुनाव में गड़बड़ी फैलाने वालों की अब खैर नहीं, सीमावर्ती क्षेत्र में BSF अलर्ट; पकड़े 80 अपराधी

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कोलकाता, राज्य ब्यूरो। बंगाल में जारी विधानसभा चुनाव में गड़बड़ी फैलाने का मंसूबा पाले अपराधियों की इस बार खैर नहीं है। राज्य में शेष तीन चरणों के चुनाव में सीमा पार से कोई अराजक तत्व चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी ना फैला सके इसके लिए भारत-बांग्लादेश सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) पूरी तरह अलर्ट है। दरअसल, बंगाल के सीमावर्ती जिलों में‌ अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे अधिकतर संवेदनशील विधानसभा क्षेत्रों में छठे और सातवें चरण में ही मतदान है। उससे पहले बीएसएफ की सूचना पर सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय कम से कम 80 अपराधियों को पहले ही पकड़ लिया गया है।

 बीएसएफ के दक्षिण बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता व डीआइजी सुरजीत सिंह गुलेरिया ने बताया कि इन अपराधियों की सूची पहले ही पुलिस को सौंपी गई थी। इसके बाद पुलिस ने इन अपराधियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है। गौरतलब है कि इससे पहले हर चुनाव में कथित तौर पर सीमा पार से व सीमावर्ती क्षेत्र में सक्रिय अपराधी गड़बड़ी फैलाते रहे हैं। लेकिन इस बार बीएसएफ ने पहले ही उन पर नकेल कस कर रख दिया है। इसके साथ ही इस समय अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पेट्रोलिंग भी काफी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ डीआइजी ने बताया कि चुनाव के मद्देनजर सीमा पर हम अतिरिक्त सतर्कता बरत रहे हैं। हमारे जवान दिन- रात 24 घंटे कड़ी निगरानी रख रहे हैं। 


 बताते चलें कि बांग्लादेश सीमा से लगे उत्तर 24 परगना, नदिया, मालदा व मुर्शिदाबाद समेत उत्तर व दक्षिण दिजाजपुर जिले में आगामी चरणों में चुनाव होने हैं। यह सभी क्षेत्र बेहद ही संवेदनशील हैं और राजनीतिक हिंसा व आपराधिक क्रियाकलापों के लिए कुख्यात है। इन जिलों की 1000 किलोमीटर से ज्यादा की सीमा रेखा बांग्लादेश से लगती है। इसमें से बड़े इलाके में अब तक फेंसिंग (बाड़) नहीं लगी है। फेंसिंग नहीं होने के चलते अपराधियों व घुसपैठियों के लिए आवाजाही में आसानी होती है, ऐसे में इस बॉर्डर इलाके की सुरक्षा बीएसएफ के लिए बेहद ही चुनौतीपूर्ण कार्य है। खासकर दक्षिण बंगाल बॉर्डर का इलाका दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण बॉर्डर में से एक है, जिसमें उत्तर व दक्षिण 24 परगना, नदिया, मालदा व मुर्शिदाबाद जिले आते हैं। इस बॉर्डर इलाके में 71 ऐसे गांव हैं जो अंतरराष्ट्रीय सीमा के बिल्कुल पास जीरो लाइन पर बसे हैं। 

 इन गांव में कई घर ऐसे भी हैं जिनका बेडरूम भारत में तो किचन बांग्लादेश में है। ऐसे में बीएसएफ के लिए इसकी सुरक्षा और भी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। यह इलाका तस्करी व घुसपैठ के लिए कुख्यात रहा है। हालांकि तमाम चुनौतियों के बावजूद दक्षिण बंगाल फ्रंटियर ने पिछले कुछ वर्षों में तस्करी व घुसपैठ पर पूरी तरह नकेल कस दी है।



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