कोविड महामारी में भारतीय रेलवे ने अब तक खोए 1,950 कर्मचारी, हर दिन 1000 लोग आ रहे पॉजिटिव

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देश में कोरोना संक्रमण बढ़ता जा रहा है। महामारी का प्रभाव हर जगह देखने को मिल रहा है। वहीं, भारतीय रेलवे की तरफ से भी कोरोना महामारी से हो रहे नुकसान को लेकर जानकारी दी गई है। बता दें कि यह नुकसान जान का है, वैसे तो ट्रेनों के बंद होने से आर्थिक क्षति पहुंच ही रही है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि पिछले साल हुई कोविड महामारी के कारण 1,950 से अधिक कर्मचारी मारे गए हैं और लगभग 1,000 लोग रोजाना संक्रमित हो रहे हैं। 

एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष और सीईओ सुनीत शर्मा ने कहा, रेलवे किसी भी अन्य राज्य या क्षेत्र से अलग नहीं है और हमारे में भी कोविड संक्रमण फैल रहा है। हम परिवहन के व्यवसाय में हैं। हमें माल और लोगों को स्थानांतरित करना होगा। प्रतिदिन 1000 मामले दर्ज किए जा रहे हैं। हमारे पास हमारे अस्पताल हैं। हमने बिस्तरों की संख्या में वृद्धि की है, हमने रेल अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट बनाए हैं। हम अपने कर्मचारियों की देखभाल कर रहे हैं।


उन्होंने आगे कहा कि अब तक हमारे पास 4,000 बिस्तर हैं जो वर्तमान में कर्मचारियों और उनके परिवारों के काम आ रहे हैं। हमारी कोशिश यह है कि वे जल्दी ठीक हों। कल तक, पिछले साल मार्च से कोविड 19 के कारण 1,952 रेल कर्मचारियों की मौत हो चुकी है।

शर्मा ने कहा कि रेलवे सभी रेलकर्मियों की सुरक्षा के बारे में चिंतित है और उनके जोखिम को कम करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। ऑक्सीजन एक्सप्रेस पर टिप्पणी करते हुए, शर्मा ने कहा कि रेलवे ने 19 अप्रैल से देश भर के विभिन्न राज्यों में 295 से अधिक टैंकरों में लगभग 4l700 टन लिक्विड चिकित्सा ऑक्सीजन पहुंचाई। उन्होंने कहा कि रविवार को, ऑक्सीजन एक्सप्रेस ने LMO के 831 टन को एक ही दिन पहुंचाया। ये रिकॉर्ड बना।

बताया गया कि अब तक, 75 ऑक्सीजन एक्सप्रेस ट्रेनों ने अपनी यात्रा पूरी कर ली है। अब तक, महाराष्ट्र में एलएमओ के 293 एम टन, यूपी में 1334 टन, एमपी में 306 टन, हरियाणा में 598 टन, तेलंगाना में 123 टन, राजस्थान में 40 टन और दिल्ली में 2011 टन का लोड पहुंचाया जा चुका है। बता दें कि रेलवे न केवल देश में बल्कि दुनिया में सबसे बड़े नियोक्ताओं में से एक है जिसमें लगभग 13 लाख कर्मचारी हैं।

कुछ दिनों पहले, ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन, एक रेल यूनियन, ने रेल मंत्री पीयूष गोयल को पत्र लिखकर कोविड संकट के दौरान काम करने वाले रेलवे कर्मियों के लिए अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों के साथ मुआवजे की मांग की थी। पत्र में उन्होंने कहा कि ये लोग मुआवजे के रूप में 50 लाख रुपये के हकदार हैं।

पत्र में, ऑल इंडिया रेलवेमेन फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने कहा कि वायरस से एक लाख से अधिक लोग संक्रमित हुए हैं, 65,000 ठीक हो गए हैं और अपने कर्तव्यों में लौट गए हैं, जबकि कोरोना वायरस के कारण 1,500 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी है।



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