कुदरत को बचाकर रखा इसलिए दुनिया का सबसे खुश और शांत देश बना भूटान

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  • भूटान में जितना कार्बन सालभर में पैदा होता है, उसे यहां के जंगल ही नष्ट कर देते हैं
  • तम्बाकू पर कानून लाने वाला भूटान दुनिया का पहला देश, 15 साल पहले पूरे देश में धूम्रपान पर लगा प्रतिबंध

दुनिया के 5 सबसे प्रदूषित शहरों में भारत के 7 शहर शामिल हैं। लेकिन भारत पड़ोसी देश भूटान से एकदम उलट है। भूटान दुनिया का प्रदूषण मुक्त देशहै और खुशहाल देशभी। इस उपलब्धि में जितना योगदान सरकारी नीतियों का है, उतना ही यहां के लोगों का भी। इसकी खूबसूरती देखकर देश-दुनिया से पर्यटक यहां पहुंचते हैं।

भूटान के जाने-माने चिंतक और ग्रोस नेशनल हैप्पीनेस सेंटर भूटान के प्रमुख डॉ. सांगडू छेत्रीकहते हैं कि भूटान के लोग प्रकृति को भगवान मानते हैं।वहां आज भी कईपीढ़ियां एक साथ, एक ही घर में प्रकृति की फिक्र के साथरहती हैं। भूटान की जीडीपी भारत की तुलना में बहुत कम है मगर वहां के लोग प्रसन्नचित, संतुष्ट, प्रकृति से प्रेम करते हुए जीवन मूल्यों को देखते हुए आगे बढ़ रहे हैं।

5 कारण जो भूटान को बनाते हैं खुशहाल देश

भूटान की सबसे बड़ी ताकत यहां के जंगल। इसे दुनिया का सबसे हरा-भरा देश माना जाता है। प्रकृति के घिरे भूटान को दुनिया का सबसे ज्यादा ऑक्सीजन बनाने वाला देश माना जाता है। यहां के 70 फीसदी हिस्से में जंगल है। ऊंचे पर्वत, नदियों का साफ पानी और हरियाली यहां की खासियत। यहां जितना कार्बन सालभर में पैदा होता है, उसे यहां के जंगल ही नष्ट कर देते हैं। इस खूबी के कारण भूटान प्रदूषण रहित है। जंगल को बचाने के लिए सरकार ही नहीं यहां के लोग भी बराबर योगदान देते हैं।

दूसरा : 20 साल से प्लास्टिक पर बैन

प्लास्टिक किस हद तक खतरनाक है, इसे भूटान में बहुत पहले समझ लिया गया था। 1999 में यहां प्लास्टिक के कई सामानों पर प्रतिबंध लगाया गया था। 20 साल बाद भी कई देशों ने इस नियम को अपने यहां लागू नहीं किया, लिहाज समुद्र की गहराई टनों प्लास्टिक कचरा पहुंच रहा है। प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाने के नियम को यहां का हर नागरिक अभियान की तरह मानता है और सख्ती से इसका पालन भी करता है।

तीसरा: पहला देश जिसने तंबाकू निरोधक कानून बनाया

भूटान की ज्यादातर नीतियां ऐसी हैं जो पर्यावरण और लोगों, दोनों की सेहत को दुरुस्त रखने का काम करती हैं। सिगरेट और धूम्रपान से भूटान की लड़ाई काफी पुरानी है। कहते हैं 1729 में तम्बाकू पर कानून लाने वाला भूटान पहला देश था। 1990 में यहां तम्बाकू और सिगरेट के खिलाफ अभियान और सख्त हुआ। नतीजा, भूटान के करीब 20 जिले स्मोक फ्री घोषित किए गए। 2004 में स्मोकिंग को पूरे देश में बैन कर दिया गया। कानून के मुताबिक, सिगरेट और तम्बाकू के सेवन करते पकड़े जाने पर सीधी जेल होगी और जमानत नहीं दी जाएगी।

चौथा: हरियाली बढ़ाने का रिकॉर्ड बनाया

भूटान की हरियाली औरस्वच्छता के चर्चे विदेशों में भी हैं। देश को और हरा-भरा बनाने के लिए 2015 में ‘सोशल फॉरेस्ट्री डे’ के मौके पर भूटान में 100 जवानों की टीम ने मिलकर एक घंटे में 49,672 पेड़ लगाए। सर्वाधिक पेड़ लगाने के लिए भूटान का नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। इस बार पिछले रिकॉर्ड के मुकाबले, 10 हजार अधिक पेड़ लगाए गए। 2015 में हजारों लोगों नेभूटान केराजा-रानी के पहले बच्चे, राजकुमार ग्यालसे, के जन्मदिन का जश्न 1,08,000 पौधे लगाकर मनाया था।


पांचवा : पर्यावरण दिवस पर पैदल दिवस मनाने की पहल

पिछले साल भूटान में विश्व पर्यावरण दिवस को ‘पैदल दिवस’ के रूप में मनाने की पहल की गई थी। भूटान के यातायात विभाग ‘रॉयल भूटान पुलिस’ के निर्देश के अनुसार, देशभर के शहरी क्षेत्रों में यातायात बंद रहा था। सड़कों पर आपातकालीन सेवा वाले वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया था। जिसे यहां के लोगों ने भी सख्ती से पालन भी किया था।

देश में नहीं है कोई वृद्धाश्आश्रम

दिलचस्प बात है किभूटान में एक भी वृद्धाश्रम नहीं हैं और यहां के लोगों का मानना है कि हमारे समाज में ऐसी जगहहोनीभी नहीं चाहिए। भूटान के चिंतकडॉ. सांगडू छेत्रीकहते हैं यह समाज के लिए कलंक है। जिस मां ने हमें जन्म दिया उस मां को हमें वृद्धाश्रम में छोड़ना पड़ता है।जब तक हम नकारात्मक विचारों से जुड़े रहेंगे, प्रसन्नता हमसे कोसों दूर रहेगी। जब मैं प्रधानमंत्री कार्यालय में कार्य करता था तो कोशिश करता था कि अधिक से अधिक लोगों से मिलूं। हम भी यही करें। जब भी किसी व्यक्ति से मिलें, तो कोशिश करें कि चेहरे पर मुस्कान बनी रहे।


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