अविवाहित महिलाओं को क्यों नहीं करना चाहिए श्रृंगार, जानें सौन्दर्य पाने के लिए ज्योतिषीय उपाय और मंत्र

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महिलाओं के जीवन में सौन्दर्य का खास महत्व होता है. आज के जमाने में कौन सुंदर नहीं दिखना चाहता है. हर कोई खूबसूरती पाना चाहता है. चेहरे की चमक आपके व्यक्तित्व के निखार को बढ़ाती है. सौन्दर्य ना सिर्फ दूसरों को आकर्षित करता है, बल्कि आपकी खूबसूरत छवि सामने वाले के दिल में जगह भी बना लेता है. जब किसी कन्या का सौन्दर्य चला जाता है तो वह बुढापे की ओर अग्रसर हो जाती है. वहीं, सौन्दर्य की रक्षा के लिए शास्त्रों में कुछ खास विधान और मंत्र बताए गए हैं. हम इस मंत्र के द्वारा अपने सौन्दर्य की रक्षा कर सकते हैं. आइए जानते हैं सौन्दर्य की रक्षा करने वाले मंत्र और कुछ उपाय के बारे में…

सौन्दर्य पाने के लिए कन्या नवग्रहों का नाम प्रतिदिन जरुर लें. इसके बाद मंत्रों का जप करें. इसके बाद गऊ माता के अगले पैरों के खुर को यानि चरणों का स्पर्श करने से नवग्रह शांत होते हैं. शनि की दशा समाप्त हो जाती है. राहु परेशान नहीं करता है. ये काम प्रतिदिन करने पर नौ ग्रह आपकी सौन्दर्य की रक्षा करेंगे.


नवग्रह मंत्र

  • ब्रह्मा मुरारी त्रिपुरांतकारी भानु: शशि भूमि सुतो बुधश्च ।
  • गुरुश्च शुक्र शनि राहु केतव सर्वे ग्रहा शांति करा भवंतु ।।

सूर्य को अर्घ्य देने से बढ़ती है चेहरे की रौनक

पद्य पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति प्रतिदिन भगवान सूर्य के दर्शन करता है और उन्हें नियमित रुप से अर्घ्य देता है. उस व्यक्ति के चेहरे की रौनक बढ़ती है.

चंद्रमा हैं सौन्दर्य की देवता

हिन्दू सनातन धर्म की मान्यता है कि विवाह से पहले कन्याओं को किसी भी प्रकार का श्रृंगार आदि नहीं करना चाहिए. धर्म शास्त्रों के अनुसार, माता गार्गी ने कहा था कि अगर महिलाएं प्रतिदिन नियमित रुप से चंद्रमा का वंदन करेंगी और चंद्रमा को अर्घ्य देगी तो दुनिया का जितना भी सौन्दर्य है वह उनके पास स्वयं ही आ जाएगा.

वहीं, नारियों के सौन्दर्य के दाता भगवान चंद्रदेव ही हैं. क्योंकि संपूर्ण जगत में निर्मल चंद्रमा से सुंदर कोई भी नहीं हैं. नारियों का जो सौन्दर्य है वह चंद्रमा का दिया हुआ है. यदि कन्याएं ऐसा करेंगी तो दुल्हन बनते समय पूरी रौनक आपके चेहरे पर होगी.



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