इतिहास बनाने से चूका अमेरिका, ह्यूमन स्पेस मिशन अब तीन दिन बाद

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बस कुछ देर बाकी था, जब अमेरिका एक नया इतिहास लिखने की कगार पर था लेकिन ठीक 16.54 मिनट पहले मिशन को रोक दिया गया. कारण था खराब मौसम. 9 साल बाद अमेरिका की जमीन से कोई एस्ट्रोनॉट अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (International Space Station – ISS) जाने वाला था. अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा कैनेडी स्पेस सेंटर से अंतरिक्ष यात्रियों को स्वदेशी रॉकेट और स्पेसक्राफ्ट में बिठाकर अंतरिक्ष की ओर भेजने वाला था.
नासा ने बताया है कि अब यह मिशन तीन दिन बाद होगा. जो अमेरिकी एस्ट्रोनॉट्स इस मिशन में स्पेस स्टेशन जाने वाले हैं, उनका नाम है- रॉबर्ट बेनकेन (Robert Behnken – बाएं) और डगलस हर्ले (Douglas Hurley). दोनों अंतरिक्ष यात्री पहले भी स्पेस स्टेशन पर जा चुके हैं. स्पेस वॉक भी किया है.


इन दोनों एस्ट्रोनॉट्स को अमेरिकी कंपनी स्पेस-एक्स के स्पेसक्राफ्ट ड्रैगन से इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन भेजा जाना था. अब तीन दिन बाद ये काम होगा. स्पेस-एक्स अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी है. यह नासा के साथ मिलकर भविष्य के लिए कई अंतरिक्ष मिशन पर काम कर रही है.
स्पेस-एक्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट को अमेरिका के सबसे भरोसेमंद रॉकेट फॉल्कन-9 के ऊपर लगाया जाएगा. इसके बाद फॉल्कन-9 रॉकेट को लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39ए से लॉन्च किया जाएगा. इस मिशन को डेमो-2 मिशन नाम दिया गया है. डेमो-1 मिशन में ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से स्पेस स्टेशन पर सफलतापूर्वक सामान पहुंचाया गया था.
आपको बता दें कि 9 साल बाद अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा अपनी कॉमर्शियल क्रू प्रोग्राम फिर से शुरू कर रही है. इस मिशन की सफलता के बाद अमेरिका को अपने एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजने के लिए रूस और यूरोपीय देशों के सहारा नहीं लेना पड़ेगा.
इस मिशन में रॉबर्ट बेनकेन स्पेसक्राफ्ट की डॉकिंग यानी स्पेस स्टेशन से जुड़ाव, अनडॉकिंग यानी स्पेस स्टेशन से अलग होना और उसके रास्ते का निर्धारण करेंगे. बेनकेन इससे पहले दो बार स्पेस स्टेशन जा चुके हैं. एक 2008 में और दूसरा 2010 में. उन्होंने तीन बार स्पेसवॉक किया है.
वहीं, डगलस हर्ले ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट के कमांडर होंगे. ये लॉन्च, लैंडिंग और रिकवरी के लिए जिम्मेदार होंगे. डगलस 2009 और 2011 में स्पेस स्टेशन जा चुके हैं. पेशे से सिविल इंजीनियर थे. बाद में 2000 में नासा से जुड़े थे. इसके पहले यूएस मरीन कॉर्प्स में फाइटर पायलट थे.
मई में लॉन्च होने वाले मिशन के बाद ये दोनों एस्ट्रोनॉट्स स्पेस स्टेशन पर 110 दिन तक रहेंगे. आपको बता दें कि स्पेस-एक्स ड्रैगन कैप्सूल एक बार में 210 दिनों तक अंतरिक्ष में समय बिता सकता है. उसके बाद इसे रिपेयरिंग के लिए धरती पर वापस आना होगा.
27 जुलाई 2011 को नासा ने अपना सबसे सफल स्पेस शटल प्रोग्राम बंद कर दिया था. इसी दिन स्पेस शटल एटलांटिस धरती पर लौटा था. स्पेस शटल प्रोग्राम के जरिए स्पेस स्टेशन के लिए 135 उड़ानें भरी गई थीं. 30 साल चले इस प्रोग्राम में 300 से ज्यादा एस्ट्रोनॉट्स को अंतरिक्ष में भेजा गया था.




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