महागठबंधन के नेताओं को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं : पिन्टू

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सीतामढ़ी के जदयू प्रत्याशी सह पूर्व मंत्री सुनील कुमार पिटू ने कहा कि महागठबंधन के नेताओं को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है। इनको लोकतंत्र से कोई मतलब नहीं है। लोकतंत्र में जिनको विश्वास है वे हार एवं जीत दोनों स्वीकार करने के लिए तैयार रहते हैं।

चुनाव खत्म होने के बाद देश की मीडिया ने अपने एक्जिट पोल में एनडीए की दुबारा सरकार बनने के संकेत दिए हैं। इसको देख महागठबंधन के लोग यह मान रहे हैं कि उनकी हालत खराब है। जमानत जब्त हो रही है।


वे मंगलवार को अपने आवास पर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि बउआ संविधान बचाने निकले थे लेकिन उन्होंने अपना वोट नहीं दिया तो क्या बिना वोट दिए संविधान बचेगा। ये नाटक करते हैं। इनके पिताजी थे तो उस समय कहा करते थे तेल पिलाओ और अब उनके एक नए प्रवक्ता के रूप में उपेंद्र कुशवाहा आ गए हैं। जो कहते हैं कि वोट लूट हुआ तो रोड पर खून की नदी बहा देंगे। रोड पर किसी की मजाल नहीं है कि जनता के सामने खड़ा हो सके। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सुशासन बिहार में है। इनसे भी बड़े-बड़े लोगों ने घोषणा की लेकिन कोई एक चूल तक नहीं हिला सका।

उन्होंने कहा कि बिहार में कानून का राज है और 23 मई को चुनाव परिणाम आने के बाद भी बिहार में कानून का राज रहेगा। ईवीएम एवं चुनाव आयोग पर उठाए जा रहे सवाल पर उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ व पंजाब में जब विपक्ष की सरकार बनी तो उस समय क्यों नहीं ईवीएम पर सवाल उठे। हर समय सवाल उठना चाहिए। आज हार की ठीकरा चुनाव आयोग व ईवीएम पर फोड़ा जा रहा है। सवाल यह है कि 2015 के विधान सभा का चुनाव परिणाम भी उनके विरुद्ध आया था लेकिन उन्होंने जनादेश का सम्मान किया। उन्होंने विपक्ष को कहा कि जनादेश के सामने नतमस्तक हों, जनादेश ही सत्ता पर बिठाएगा। आपको सबक देगा कि आप आगे पांच साल काम करें। अपने जीत के प्रति आश्वस्त पिटू ने कहा कि सीतामढ़ी की जनता ने एनडीए के पक्ष में वोट दिया है। ईवीएम से जनता के तीर छाप का आशीर्वाद निकलेगा।


मौके पर भाजपा के वरीय नेता व पूर्व जिलाध्यक्ष सुफल झा, भाजपा नगर अध्यक्ष विशाल कुमार, जदयू नगर अध्यक्ष रंजय सर्राफ, कैलाश हिसारिया, राजबहोर सिंह व अरविद सिंह आदि मौजूद थे।

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