इसबार इंटर की परीक्षा में जूता-मोजा पहनकर आ सकते हैं परीक्षार्थी, ठंड को देखते हुए बिहार बोर्ड ने लिया फैसला

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इस वक्त एक बड़ी खबर सामने आ रही है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से इंटरमीडिएट की परीक्षा को लेकर एक बड़ा निर्णय लिया गया है. बिहार बोर्ड ने इसबार इंटरमीडिएट की परीक्षा में परीक्षार्थियों को जूता-मोजा पहनकर एग्जामिनेशन हॉल में बैठने की इजाजत दे दी है. हालांकि 17 फ़रवरी से शुरू होने वाली मैट्रिक परीक्षा को लेकर अबतक कोई निर्णय नहीं लिया गया है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की इंटरमीडिएट और मैट्रिक परीक्षाओं की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं. इंटरमीडिएट की परीक्षा एक से 13 फरवरी तक चलेगी. जबकि, मैट्रिक की परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक होगी. कदाचार मुक्त परीक्षा को लेकर बिहार के सभी जिलों के एसपी और डीएम को पत्र लिखा गया है. बिहार बोर्ड ने इसबार इंटरमीडिएट की परीक्षा में परीक्षार्थियों को जूता-मोजा पहनकर एग्जामिनेशन हॉल में बैठने की इजाजत दे दी है. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की ओर से परीक्षा के संचालन के लिए सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारी और केंद्राधीक्षकों को भी कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये हैं.


कोरोना संक्रमण को देखते हुए बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने इस बार कई नई गाइडलाइंस जारी की है. सरकार इस बार कदाचारमुक्त परीक्षा को लेकर भी आयोग अधिक गंभीर है. अब परीक्षा के दौरान कदाचार करते हुए अगर किसी को पकड़ा गया तो उसे 2 हजार रुपये का जुर्माना भरना हो या फिर 6 महीने जेल की सजा होगी. जरूरत पड़ने पर दोनों सजा एक साथ भी हो सकती है.

शिक्षा विभाग की ओर से जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को लिखे गए पत्र में यह कहा गया है कि संवेदनशील परीक्षा केंद्र पर नियमित पुलिस बल की तैनाती की जाये. एग्जाम सेंटर के मुख्य स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाये और परीक्षा केंद्र के बाहर वीडियोग्राफी कराई जाये. एग्जाम के समय जिलों में फोटो स्टेट की दुकानों पर विशेष निगरानी रखी जाये. सरकार ने कहा है कि जिन परीक्षा केंद्रों पर कदाचार की सूचना मिलेगी, वहां की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी. 

कोरोना काल में भी बिहार बोर्ड की मैट्रिक की परीक्षा में रिकार्ड परीक्षार्थी शामिल होंगे. पिछले साल के मुकाबले इस साल एक लाख 55 हजार 73 परीक्षार्थी बढ़ गये हैं. इस बार मैट्रिक परीक्षा में 16 लाख 84 हजार 466 परीक्षार्थी शामिल होंगे. जबकि 2020 में 15 लाख 29 हजार 393 परीक्षार्थियों ने परीक्षा फॉर्म भरा था, इनमें से 14 लाख 94 हजार 771 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए थे. 

इस बार परीक्षा को लेकर पूरे बिहार में 1525 परीक्षा केंद्र बनाये गये हैं. 2020 की मैट्रिक परीक्षा के लिए राज्यभर में 1368 परीक्षा केंद्र बनाये गये थे. इस बार 1525 केंद्र हैं, यानि 157 परीक्षा केंद्र इस बार अधिक हैं. पटना में भी परीक्षा केंद्रों की संख्या बढ़ी है. पटना में इस साल 73 हजार परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा में शामिल होंगे. 

सबसे अधिक गया में 83 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं.पटना में इस साल 73 हजार परीक्षार्थी मैट्रिक परीक्षा में शामिल होंगे. सबसे अधिक गया में 83 हजार परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हो रहे हैं. बता दें कि मैट्रिक की वार्षिक परीक्षा 17 फरवरी से शुरू होगी और 24 फरवरी तक चलेगी. परिणाम भी मार्च के अंत तक घोषित कर दिया जाएगा. पिछले साल भी परीक्षा 17 से 24 फरवरी तक आयोजित हुयी थी.



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