पटना से हावड़ा जा रही ट्रेन में तड़प तड़प कर मरी महिला, टीटीई से डॉक्टर बुलाने की गुहार लगाती रही लेकिन मौत के बाद पहुंचे चिकित्सक

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पटना से हावडा जाने के लिए आज खुली ट्रेन में एक महिला यात्री तड़प तड़प कर मर गयी. महिला औऱ अगल बगल बैठे लोग टीटीई से डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाते रहे. ट्रेन दौडती रही, बीच में कई स्टेशन आये, ना डॉक्टर को बुलाया गया औऱ ना ही महिला को ले जाकर किसी अस्पताल में भर्ती में कराया गया. लगभग तीन घंटे डॉक्टर पहुंचे. तब तक महिला की मौत हो चुकी थी.

जनशताब्दी एक्सप्रेस में हुआ हादसा
पटना जंक्शन से हावड़ा जाने वाली जनशताब्दी एक्सप्रेस के पटना स्टेशन से खुलते ही डी-9 कोच में एक महिला यात्री को सीने में दर्द शुरू हो गया. महिला ने कोच में मौजूद टीटीई को बताया कि उसे बहुत परेशानी हो रही है. सीने में दर्द है इसलिए डॉक्टर को बुला दें. कोच में सवार यात्रियों ने बताया कि महिला बेचैन होकर टीटीई से डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाती रही लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया. ट्रेन दौडती रही और महिला यात्री की बेचैनी बढ़ती गयी.


कुछ देर बाद ही जनशताब्दी ट्रेन पटना सिटी स्टेशन पर रूकी. तब महिला ने फिर से टीटीई से कहा कि डॉक्टर को बुलवा दें. लेकिन दो मिनट में ही ट्रेन खुल गयी. टीटीई ने कहा कि आगे मोकामा में ट्रेन रूकेगी वहां डॉक्टर का इंतजाम कर दिया जायेगा. इस बीच जनशताब्दी एक्सप्रेस बख्तियारपुर में भी रूकी, तब तक महिला यात्री की हालत बेहद खराब हो गयी थी. वहां भी डॉक्टर का कोई इंतजाम नहीं किया गया. हद तो ये कि ट्रेन के मोकामा पहुंचने से पहले महिला यात्री बेहोश होकर सीट पर गिर पडी थी लेकिन मोकामा में भी किसी डॉक्टर को नहीं बुलाया गया.



मरने के बाद पहुंचे डॉक्टर
आखिरकार किऊल में डॉक्टर को बुलाया गयॉ. डॉक्टर ने कहा कि महिला यात्री की मौत हो चुकी है. महिला यात्री ने ट्रेन खुलने के तुरंत बाद ही डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगायी थी लेकिन डॉक्टर को पहुंचने में तीन घंटे लगे. तब उसकी मौत हो चुकी थी. अगर समय पर इलाज हो गया होता तो शायद उसकी जान बच सकती थी.

कोलकाता की थी महिला यात्री
ट्रेन में मरी महिला यात्री की पहचान कोलकाता की रोशिता ल्यूकस के रूप में की गयी है. रेलवे अधिकारियों ने बताया कि उनके परिजनों को सूचना दे दी गयी है. रेल अधिकारी बता रहे हैं कि वे पहले ही हृदय रोग औऱ हाई ब्लड प्रेशर से पीडित थीं.



लापरवाही ने ले ली जान
किऊल स्टेशन पर महिला की मौत के बाद पहुंचे डॉक्टरों ने ही कहा कि अगर समय पर इलाज मिलता तो शायद जान बचायी जा सकती थी. जाहिर तौर पर आऱोप टीटीई पर लग रहे हैं जिन्होंने डॉक्टर को बुलाने में इतनी देर कर दी कि महिला की मौत हो गयी. हालांकि टीटीई ने अपनी गलती मानने से इंकार कर दिया है. टीटीई ने बताया उन्होंने बीमार महिला के बारे में पटना सिटी स्टेशन पर जानकारी दी थी लेकिन वहां कोई डॉक्टर नहीं था. फिर दानापुर कंट्रोल रूम को जानकारी दी गयी. दानापुर कंट्रोल रूम ने मोकामा में डॉक्टर भेजने को कहा लेकिन वहां डॉक्टर नहीं पहुंचे. बाद में किऊल में डॉक्टर को भेजा गया.



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