Lockdown in Bihar: लॉकडाउन को लेकर सियासत तेज, ‘नौटंकी’ के जवाब में BJP-JDU ने तेजस्‍वी को बताया-ट्विटर ब्वाय

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पटना. बिहार में लॉकडाउन (Lockdown in Bihar) के फैसले को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं. पहले लॉकडाउन लगाने में देरी को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव (Tejashwi Yadav) ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) को घेरा, तो अब पलटवार जेडीयू-बीजेपी की तरफ से भी हो रहा है. जेडीयू की तरफ से सांसद सुनील कुमार पिंटू ने मोर्चा खोल दिया है. उन्‍होंने तेजस्वी यादव को ट्वीटर ब्वाय बताते हुए कहा, ‘ट्विटर ब्वाय केवल ट्वीट कर रहे हैं.जबकि मुख्यमंत्री लगातार काम कर रहे हैं.’

इस बीच बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव को टूरिस्ट और ट्विटर ब्वाय बताया है. बिहार बीजेपी प्रवक्ता डॉ. रामसागर सिंह ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा, ‘टूरिस्ट और ट्विटर की राजनीति करने वाले तेजस्वी यादव पहले लोक कल्याणकारी काम को अपने खाते में डाल रहे थे. अब पटना हाईकोर्ट के खाते में डाल रहे हैं. बिहार की जनता और परिस्थिति को ध्यान में रखकर लॉकडाउन लगाया गया है.’


इस बीच बीजेपी ने भी इस मुद्दे पर तेजस्वी यादव को टूरिस्ट और ट्विटर ब्वाय बताया है. बिहार बीजेपी प्रवक्ता डॉ. रामसागर सिंह ने न्यूज़ 18 से बात करते हुए कहा, ‘टूरिस्ट और ट्विटर की राजनीति करने वाले तेजस्वी यादव पहले लोक कल्याणकारी काम को अपने खाते में डाल रहे थे. अब पटना हाईकोर्ट के खाते में डाल रहे हैं. बिहार की जनता और परिस्थिति को ध्यान में रखकर लॉकडाउन लगाया गया है.’

बीजेपी प्रवक्ता डॉ. रामसागर सिंह ने आगे कहा कि हमारे प्रदेश अध्यक्ष ने पहले ही वीकेंड लॉकडाउन की सलाह दी थी. इस बार ऐसी व्यवस्था की गई है जिससे जान भी रहे जहान भी रहे. यही नहीं, विपक्ष को नसीहत देते हुए उन्होंने कहा कि कोरोना से लड़ाई में विपक्षियों को भी साथ आकर लड़ना चाहिए न कि सरकार से लड़ते दिखना चाहिए.

बीजेपी और जेडीयू की तरफ से आरजेडी नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर पलटवार किया जा रहा है. दूसरी तरफ बिहार सरकार में शामिल हिंदुस्तानी अवामी मोर्चा यानी हम के सुर भी नरम पड़ गए हैं, जो कि बिहार सरकार के लिए राहत भरा है.लेकिन विपक्षी आरजेडी इस मुद्दे को अभी छोड़ने के मूड में नहीं दिखती. आरजेडी प्रवक्ता नवल किशोर ने सरकार को हर मोर्चे पर विफल बताया है.

आरजेडी प्रवक्ता का कहना है कि बिहार में लॉकडाउन बहुत देर से लिया गया निर्णय हैं. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन लगाने का निर्णय पहले लिया गया होता तो कई लोगों की जान बच सकती थी. हम लोग लगातार बिहार में लॉकडाउन लगाने की मांग कर रहे थे. आरजेडी का आरोप है कि राज्य में पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था चौपट हो चुकी है. अस्पतालों में बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, वेंटिलेटर और जरुरी दवाओं की भारी कमी है.

केंद्र और बिहार दोनों जगह एनडीए की सरकार है लेकिन इसके बावजूद इस आपात स्थिति में सीएम नीतीश कुमार केंद्र सरकार से बिहार के लिए कोई मदद नहीं मांग रहे हैं. जबकि अन्य राज्य सरकारें लगातार केंद्र से मदद ले रही हैं. आरजेडी प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कोरोना संकट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्यवासियों को भगवान भरोसे छोड़ दिया है.



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