पांच बेटियों के पिता के पास ब्याह के लिए नहीं थे पैसे, बेटे ने किडनी बेचने की कर ली तैयारी

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भोजपुर. बिहार के भोजपुर में आर्थिक तंगी से लड़ रहे परिवार की शादी लोगों के मदद से हो सकी. हालात ऐसे थे कि एक पिता के पास अपनी बेटी की शादी कराने के लिए पैसे नहीं थे. आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वो अपनी बेटियों की शादी करा सके. इधर भाई ने जब पिता की स्थिति को जाना तो अपनी किडनी बेचने तक के लिए राजी हो गया ताकि किसी भी तरह दोनों बहनों की डोली घर से उठ सके लेकिन इसी दौरान लोगों ने मदद की और मां ने लोगों से मदद और भिक्षा मांग कर दो बेटियों का कन्यादान किया. दो बेटियों की शादी में कुछ लोगों ने पैसा दिया तो तो कुछ लोगों समान और खाद्य साम्रगी, जिसके बाद एक नहीं बल्कि दो बेटियों की शादी एक साथ एक ही परिवार के दो लड़कों से साथ हुई.

मामला भोजपुर जिले के कोइलवर क्षेत्र अंतर्गत कला पचरुखीया गांव का है. पचरुखीया गांव के निवासी रामदेव महतो की दोनों बेटियों की शादी मंगलवार की रात हुई. रामदेव महतो पेशे से मालगुजारी का काम करते है. शादी के लिए और लड़के वालों की डिमांड को पूरा करना उनके लिए बहुत मुश्किल था, जिसके बाद उन्होंने लोगों ने मदद के लिए हाथ बढ़ाया. इस दौरान किसी ने पैसे दिए तो किसी ने शादी में उपयोग आने वाला अन्य सामान. कला पचरुखीया निवासी रामदेव महतो को पांच लड़की और एक लड़का है. लड़का भी मजदूरी ही करता है.


रामदेव पहले ही अपनी बड़ी बेटी रिंकू की शादी करा चुके थे जिसके बाद आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी. इसकी वजह से वो और बेटियों की शादी नहीं करा पा रहे थे. ऐसे में जब लड़के वाले शादी के लिए राजी हो गए तो रामदेव की आर्थिक स्थिति जवाब देने लगी. रामदेव ने मालगुजारी पर दो बीघा खेत लिया जिसमें एक बीघा में गेंहूं और बाकी में सरसों लगया पर मालगुजारी लिए हुए खेत में भी उसे नुकसान हो गया. इसके लिए उसने कर्ज लेकर बारह हजार रुपये चुकाए. लॉकडाउन के कारण कोई मजदूरी का काम नहीं मिल रहा था जिससे वो अपनी बेटी की शादी या घर का खर्चा चला पाए.

रामदेव की बड़ी बेटी रिंकू की शादी के बाद अब राधिका और राजकुमारी की शादी हुई. इसके बाद भी अभी रामदेव को दो लड़कियां ज्योति और अंजलि हैं जिनकी शादी करानी बाकी है. रामदेव की पत्नी संगमा महतो ने बताया कि उनकी दोनों बेटी की शादी तय हो गई लेकिन पैसे नहीं होने की वजह से शादी नहीं हो रही थी. तभी उनका लड़का अपनी किडनी बेचने के लिए तैयार हो गया था लेकिन उन्होंने यह बात आरा में आरण्य देवी में स्थित एक पंडित से कहा जिसके बाद वहां के भक्तों और बाबा की मदद से यह शादी हो पा रही है. उन्होंने बताया कि उनके पास अपनी बेटियों को देने के लिए भी कुछ नहीं था लेकिन लोगों की मदद करने के बाद लड़की के लिए कान का बाली और बक्सा दोनों बेटियों को दे रही है.

लड़की के भाई ओम प्रकाश ने बताया कि वो अपनी दोनों बहनों की शादी कर्ज लेकर कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि मैं अपनी किडनी बेचकर यह शादी करवाना चाहता था लेकिन मां ने मुझे रोक दिया और किसी तरीक़े से हमलोग भिक्षा लेकर अपनी बहनों की शादी कराये. मां आरण्य देवी मंदिर के पुजारी संजय मिश्रा ने बताया कि गरीब परिवार की कहानी सुनने के बाद हमलोगों ने मंदिर में आ रहे सभी भक्तों ने इनकी दोनों बेटियों के लिए भिक्षा मांगा और शादी कराने का फैसला किया. इसके बाद कुछ लोगों ने पैसा दिया तो किसी ने अन्य सामग्रियों से मदद की, जिसके बाद लगभग 50 हजार तक की मदद लोगों द्वारा की गई और दोनों बेटियों की शादी सम्पन्न हुई.



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