बिहार पुलिस को अब आर्मी के पूर्व अफसर देंगे ट्रेनिंग, जानिए क्या कुछ बदलेगा ?

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पटना. बिहार पुलिस के जवानों, दारोगा आदि तक के अफसरों को एक्स आर्मी व पैरा मिलिटरी पुलिस फोर्स के अफसर ट्रेनिंग देंगे. इसके लिए बकायदा अफसरों का पैनल बनाया जा रहा है.

डीजी प्रशिक्षण स्तर से निर्देश के बाद सीटीएस, नाथनगर और बीएमपी, डुमरांव में होने वाले पुलिस प्रशिक्षण को प्रशिक्षण निदेशालय स्तर से अपग्रेड करने का काम हो रहा है.


एक आर्मी व पैरा मिलिटरी के अलावा इस जगह पर प्रशिक्षण देने के लिए इंस्पेक्टर रैंक या उससे ऊपर के रैंक वाले बिहार पुलिस के अफसरों का भी पैनल बनाया गया है, जो पुलिस के जवानों को बेसिक ट्रेनिंग और प्रोन्नति के लिए अनिवार्य देने का काम करेंगे.

इसकी लिए एक समिति और पूरी नियमावली बन कर तैयार हो गयी है. अब इसे डीजीपी स्तर से मंजूर होना बाकी है.

जवानों को अपडेट करने के लिए पहल

आने वाले दिनों में बिहार पुलिस के जवानों की ट्रेनिंग में कई बदलाव होंगे. डीजी (प्रशिक्षण) आलोक राज ने बताया कि समय के अनुसार पुलिस के जवानों को अपडेट रखने के लिए बदलाव किये जा रहे हैं.

बदली चुनौती में खुद को तैयार करने व प्रशिक्षण क्षमता को भी विकसित करने का काम किया जा रहा है. प्रशिक्षण के अलावा प्रशिक्षण स्थल पर इन्फ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने के लिए भी काम किया जा रहा है.

दोनों ट्रेनिंग स्थलों पर आधुनिक संसाधन की खरीद की जा रही है. उन्होंने बताया कि किसी कारण अगर कोई जवान पूर्व में ट्रेनिंग नहीं कर पाये हैं, उनको भी ट्रेनिंग देने का काम पूरा होगा.

24 हजार जवानों को दिया जा चुका है प्रशिक्षण : बीते कुछ वर्षों यानी वर्ष 2016 से लेकर अब तक 22 हजार सात सौ 59 पुलिस व महिला सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है.

इसके अलावा 756 उत्पाद सिपाही, 700 कारा कक्षपाल और 561 वनरक्षी सिपाही सहित कुल 24776 सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया गया है. इसमें वर्ष 2017 में 4212, वर्ष 2019 में 2024 और वर्ष 2020 में 4561 महिला सिपाहियों को प्रशिक्षित किया गया है.

इसके अलावा वर्ष 2016 में 282, वर्ष 2017 में 7576, वर्ष 2019 में 449 और 2020 में 3653 पुरुष सिपाहियों को प्रशिक्षण दिया गया है.

डीजी, प्रशिक्षण आलोक राज ने कहा कि प्रशिक्षण में गुणवत्ता को बढ़ाने के साथ पुलिस को आगे की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाना इसका उद्देश्य है. प्रशिक्षण स्थलों को आधारभूत संरचनाओं को भी बेहतर करने का काम किया जा रहा है. आगे भी कई योजनाएं हैं.

Input : Prabhat Khabar.



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