मैट्रिक परीक्षा का फर्जी प्रश्न-पत्र शेयर करने वालों की खैर नहीं, दो लोगों पर मुकदमा दर्ज

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Bihar Board Matric Exam: सोशल मीडिया पर मैट्रिक परीक्षा 2021 (Matric Exam 2021) का फर्जी प्रश्न-पत्र ( Matric Question Paper) शेयर करने वालों की अब खैर नहीं. इस मामले में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) यानी बिहार बोर्ड (Bihar Board) सख्त हो गया है. फर्जी प्रश्न-पत्र वायरल करने वालों के खिलाफ बिहार बोर्ड ने सख्त एक्शन लेना शुरू कर दिया है.

बिहार बोर्ड के सचिव ने नोटिस जारी कर कहा है कि सोशल मीडिया पर शनिवार को उत्कर्ष सिंह द्वारा सोशल मीडिया पर ट्विटर के माध्यम से वर्ष 2020 का प्रश्न-पत्र वायरल कर अफवाह फैलाया गया कि मैट्रिक परीक्षा 2021 के अंग्रेजी प्रथम पत्र का प्रश्न-पत्र लीक हो गया है, जो पूर्णत: गलत एवं भ्रामक है. साथ ही इस ट्वीट पर राहुल यादव द्वारा भी ट्विटर एकाउंट से प्रश्न-पत्र के लीक होने की सूचना फैलायी गयी है.


इस तरह की गलत सूचना को वायरल करने के विरुद्ध उत्कर्ष सिंह एवं राहुल यादव के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी है. सचिव ने कहा है कि मैट्रिक परीक्षा 2021 के तथाकथित प्रश्न-पत्र अथवा तथाकथित उत्तर सामग्री को फोन के माध्यम से दूसरे व्यक्ति को अथवा ग्रुप में भेजने पर या ऐसी अफवाह एवं तथाकथित सूचना प्रसारित करने पर उन व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम 1981 ए‌वं आइटी एक्ट के सही धारओं के अंतर्गत प्राथमिक दर्ज करते हुए कानूनी कार्रवाई की जायेगी.

पुलिस इस मामले में अनुसंधान कर रही है. परीक्षा के दौरान फर्जी प्रश्न-पत्र को सोशल मीडिया पर भेजने में संलिप्त पाये जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जायेगी. सचिव ने नोटिस में कहा है कि मैट्रिक परीक्षा 2021 के क्रम में तथाकथित प्रश्न-पत्र या तथाकथित उत्तर सामग्री को सोशल मीडिया जैसे वाट्सएप, ट्विटर और फेसबुक इत्यादि के माध्यम से प्रासारित किया जा रहा था. तथाकथित प्रश्न-पत्र अथवा तथाकथित उत्तर सामग्री जो उनके मोबाइल पर कहीं से प्राप्त होता है, उसे अन्य किसी नंबर अथवा ग्रुप में भेज देते हैं. यह पूरी तरह से गलत है.

इससे न सिर्फ आम लोगों के बीच गलत संदेश जाता है, बल्कि इससे परीक्षा में अफवाह फैलाने, गड़बड़ी करने का प्रयास भी दिख रहा है. अभिभावकों एवं छात्रों को गुमराह अथवा गलत रूप से मदद करने का प्रयास भी दिखता है, जो पूर्णत: अवैधानिक एवं दंडनीय अपराध है. इस प्रकार की गलत सूचना प्रसारित होने से परीक्षा संचालन में अव्यवस्था होती है तथा गलत प्रवृत्ति के लोग भोले-भाले परीक्षार्थियों ‌एवं अभिभावकों को ठगने का प्रयास भी करते हैं.



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