बिहार में 9 चरणों में होगा मुखिया का चुनाव, नीतीश सरकार ने इलेक्शन कमीशन को भेजा प्रस्ताव

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बिहार विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद पंचायत चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं. निर्वाचन आयोग के मुताबिक बिहार में जल्द ही पंचायत चुनाव होने वाले हैं. इलेक्शन कमीशन के मुताबिक राज्य में पंचायत चुनाव के दौरान 6 पदों के लिए चुनाव होंगे. इनमें मुखिया, सरपंच, वार्ड सदस्य, पंच, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के पद शामिल हैं. नीतीश सरकार ने राज्य निर्वाचन आयोग को ग्राम पचंयातों के चुनाव प्रमंडलवार कराने के लिए प्रस्ताव भेजा है.

नीतीश सरकार के भेजे गए प्रस्ताव पर बिहार राज्य निर्वाचन आयोग विचार कर रहा है. बहुत जल्द ही इस बात पर निर्णय लिया जायेगा. राज्य में नौ प्रमंडल हैं, इसलिए माना जा रहा है कि 6 पदों के लिए 9 चरणों में पंचायत चुनाव कराया जा सकता है. आपको बता दें कि आयोग के साथ पंचायत चुनाव पर चल रहे मंथन के दौरान पंचायती राज विभाग ने परामर्श दिया है कि प्रमंडल स्तर पर चुनाव कराना कई मायनों में बेहतर होगा.


बिहार निर्वाचन आयोग के मुताबिक राज्य में 8387 ग्राम पंचायतों के मुखिया पदों के लिए आम चुनाव होने वाला है. इसके अलावा 8387  सरपंच पदों के लिए भी चुनाव होंगे. इनके साथ-साथ 1,14,667 वार्ड सदस्य, 1,14,667 पंचों को भी चुना जायेगा. जो जानकारी निकल कर सामने आ रही है, उसके मुताबिक पंचायत समिति के 11,491 और जिला परिषद सदस्य के 1161 पदों पर उम्मीदवारों का चुनाव होगा.

बिहार में पंचायत के आम चुनाव को लेकर 700 मतदाताओं पर एक बूथ का गठन किया गया है. आपको बता दें कि कोरोना काल में बिहार विधानसभा चुनाव में 1000 मतदाताओं पर एक बूथ गठित था. बिहार निर्वाचन आयोग ने ग्रामीण इलाकों में होने वाले इस चुनाव को लेकर बूथों के गठन को लेकर तैयारी शुरू कर दी है. ईवीएम से आम चुनाव कराए जाने को लेकर पंचायतीराज विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है.

प्रमंडलवार चुनाव कराने को लेकर पंचायती राज विभाग का मानना है कि इससे किसी भी जिले में अधिक दिनों तक आचार संहिता लागू नहीं रहेगा. इससे संबंधित जिले में विकास के कार्य प्रभावित नहीं होंगे. राज्य के हर जिले में कई-कई चरणों में चुनाव होने से काफी अधिक दिनों तक आदर्श आचर संहिता ग्रामीण क्षेत्रों में लागू रहता है.

मुखिया और सरपंच का चुनाव भी ईवीएम मशीन से ही कराया जायेगा. विभाग ने ईवीएम से पंचायत चुनाव कराए जाने को लेकर सैद्धांतिक सहमति दे दी है और इस प्रस्ताव को मंत्रिपरिषद की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा. मंत्रिपरिषद की स्वीकृति के बाद आयोग द्वारा ईवीएम से चुनाव को लेकर तैयारी शुरू की जाएगी. आपको बता दें कि बिहार में कुछ ही महीनों बाद अप्रैल-मई में ही पंचायत चुनाव होने की संभावना है, इसको लेकर तैयारी शुरू की गयी है. 



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