बिहार में 4 जनवरी से खुलेंगे स्कूल लेकिन 8वीं नहीं 9वीं क्लास से होगी पढ़ाई, बच्चे चाहें तभी जायेंगे, नहीं होगी कोई जोर-जबरदस्ती

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कोरोना काल में बिहार में स्कूलों को खोलने को लेकर राज्य के शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिया है. गुरूवार को जारी आदेश में स्कूलों में 9वीं क्लास और उससे उपर की कक्षाओं में 4 जनवरी से पढ़ाई शुरू करनी मंजूरी दी गयी है. इससे प्राइवेट स्कूलों को कोई फायदा नहीं हुआ क्योंकि 9वीं क्लास से उपर की कक्षाओं को शुरू करने की मंजूरी उन्हें पहले ही मिल चुकी थी. हां, अब सरकारी स्कूलों को खोलने की मंजूरी भी दी गयी है. नये सरकारी आदेश से फायदा कोचिंग संचालकों को हुआ है, जिन्हें कोचिंग शुरू करने की मंजूरी दे दी गयी है.

गौरतलब है कि बिहार सरकार की क्राइसिस मैनेजमेंट ग्रुप की बैठक में 8वीं क्लास से कक्षा शुरू करने बात कही गयी थी. 4 जनवरी से बच्चों को स्कूल जाने की मंजूरी दी गयी थी. लेकिन शिक्षा विभाग के आदेश में 9वीं क्लास से उपर की कक्षा संचालित करने की मंजूरी दी गयी है. लिहाजा पहले से ही चल रहे 700 स्कूल ही अब भी चल पायेंगे. जिन स्कूलों में 8वीं तक की पढ़ाई होती है वे नहीं खुलेंगे.


बच्चे चाहेंगे तभी स्कूल जायेंगे, नहीं होगी जबरदस्ती
सरकार ने स्कूलों को खोलने को लेकर डिटेल दिशा निर्दश दिये हैं. साफ साफ कहा गया है कि बच्चे चाहेंगे तभी स्कूल आयेंगे. स्कूल नहीं आने वाले बच्चों पर कोई कार्रवाई नहीं की जायेगी. सरकार ने स्कूलों को खोलने से पहले ये सारी व्यवस्था करने को कहा है

-स्कूल कैम्पस, सभी कमरे, फर्नीचर, उपकरण, स्टेशनरी, भंडार कक्ष, पानी टंकी, वाशरूम, प्रयोगशाला, लाइब्रेरी की साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन होनी चाहिये. -स्कूलों को डिजिटल थर्मामीटर, सैनिटाइजर और साबुन की व्यवस्था रखनी होगी

स्कूलों में स्टूडेंट्स को कम से कम 6 फीट की दूरी पर बिठाने की व्यवस्था करनी होगी.

स्कूलों की दीवारों और नोटिस बोर्ड पर सामाजिक दूरी का पालन, मास्क लगाने, सैनिटाइजेशन, हाथों की सफाई और यहां-वहां नहीं थूकने के बारे में लिखे हुए संदेश का पोस्टर लगाना है.

-वाशरूम और पानी के नल के पास 6 फीट की दूरी में गोल घेरे का निशान बनाना होगा

-सभी स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था करनी होगी.

कॉलेज खुलेंगे, कोचिंग संस्थानों को मिली राहत
सरकार ने लॉकडाउन के बाद कॉलेजों को पहली बार खोलने की इजाजत दे दी है. कॉलेजों को भी उन्हीं नियमों का पालन करना होगा जो स्कूलों के लिए बनाये गये हैं. वैसे सरकारी आदेश का सबसे ज्यादा फायदा कोचिंग संस्थानों के संचालकों को होगा. उन्हें कोचिंग चलाने की मंजूरी दे दी गयी है. कोचिंग संचालक अपने संस्थान में कोविड से बचाव को लेकर की गयी तैयारी की सारी जानकारी डीएम को देंगे और इसके बाद वे पढ़ाई शुरू कर सकते हैं.

हॉस्टल खुलेंगे लेकिन ठोस व्यवस्था के साथ
सरकार ने शिक्षण संस्थानों में हॉस्टल खोलने की मंजूरी भी दी है. लेकिन उन्हें कोविड प्रोटोकॉल का पूरा-पूरा पालन करना होगा. हॉस्टल चलाने के लिए उन्हें ये सब इंतजाम करना होगा.

-हॉस्टल में अलग-अलग बेड के लिए पार्टिशन की व्यवस्था करनी होगी, ताकि सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित करना होगा.

-स्वास्थ्य जांच के बाद ही छात्रों को हॉस्टल में रखा जायेगा

-हॉस्टल में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित होगा

-हॉस्टल के मेस और किचन का मेडिकल टीम लगातार निरीक्षण करेगी

-ऊंची कक्षा के छात्रों को रहने के लिए प्राथमिकता दी जाए

कोरोना काल में खुल रहे स्कूल-कॉलेजों में मीटिंग-एसेंबली के लिए भी नियम तय किये गए हैं. शिक्षण संस्थानों को वैसे आयोजनों से बचना है, जिनमें सामाजिक दूरी का पालन संभव नहीं हो सके. उन्हें संस्थान में समारोह नहीं आयोजित करने होंगे.एसेंबली होगी तो शिक्षकों की निगरानी में और वहां सामाजिक दूरी का पालन किया जायेगा. पैरेंट टीचर मीटिंग वर्चुअल मोड में होगी.

सरकार ने ये स्पष्ट किया है कि अगर किसी स्कूल में नया एडमिशन होता है तो बच्चों को अभिभावकों के साथ स्कूल आने को बाध्य नहीं किया जायेगा.

अभिभावक सहमति पत्र देंगे तभी बच्चे स्कूल जायेंगे
जनवरी से खुल रहे शिक्षण संस्थानों में बच्चे तभी जायेंगे जब अभिभावक  अपने बच्चों को स्कूल या कोचिंग में पढ़ने के लिए भेजने का सहमति पत्र देंगे. उन्हें ये लिख कर देना होगा कि वे अपनी मर्जी से बच्चे को पढ़ने के लिए भेज रहे हैं. बच्चों की इच्छा जानने के बाद ही अभिभावक उन्हें स्कूल या कोचिंग में पढ़ने के लिए भेजेंगे. बच्चे पर कोई जबरदस्ती नहीं होगी और अभिभावक बिना मास्क के बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे. 

ट्रांसपोर्ट में सख्त नियमों का होगा पालन
बच्चों को स्कूल ले जाने और वापस लाने में कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन होगा. ट्रांसपोर्ट में इसका पूरा ध्यान रखना होगा. सरकार ने बच्चों के ट्रांसपोर्ट सुविधा के लिए ये नियम बनाये हैं.

-बच्चों को लाने-ले जाने वाली गाड़ियों का पहले पूरी तरह से सैनिटाइजेशन करना होगा. बच्चों को लाने और घर छोड़ने से पहले दिन में दो बार बसों को सैनिटाइज किया जाए

-स्कूल और कोचिंग के प्रवेश और निकास द्वार पर विभिन्न वर्गों के अनुसार क्रमवार समय निर्धारित कर उसे चिह्नित किया जाए, ताकि बच्चों की भीड़ न लगे और दूरी मेंटेन रहे

-बिना मास्क के बच्चों को गाड़ी में न बैठाया जाए और चढ़ने-उतरने के समय सामाजिक दूरी का पालन सुनिश्चित हो

-बस पर चढ़ने से पहले बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग होगी और बस में हैंड सैनेटाइजर का इंतजाम होगा

-गाड़ियों की खिड़की में पर्दे नहीं लगे होंगे

-AC बसों के लिए CPWD द्वारा निर्गत गाइडलाइन के अनुसार तापमान 24 से 30 डिग्री सेल्सियस के बीच हो और सापेक्ष आर्द्रता 40 से 70 फीसदी हो  



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