बिहार में पांव पसारने लगा ब्लैक फंगस, पिछले 24 घंटे में चार मरीजों की गयी जान

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पटना. ब्लैक फंगस जानलेवा बन रहा है. राज्य में ब्लैक फंगस से मंगलवार को चार लोगों की जान चली गयी है. पटना में दो व मुजफ्फरपुर और बेतिया में एक-एक मरीज की मौत ब्लैक फंगस से हो गयी. शहर के इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान अस्पताल में मंगलवार को दो लोगों की ब्लैक फंगस के चलते मौत हो गयी.

मृतकों में दोनों महिलाएं हैं. इनमें गोपालगंज जिले की 45 वर्षीय बासमती देवी और खगड़िया की बेबी मिश्रा हैं. दोनों मरीजों के ऑपरेशन की तैयारी थी, लेकिन उनकी तबियत लगातार बिगड़ती चली गयी और मंगलवार को दोनों मरीजों की मौत हो गयी. आंखों में सूजन और नाक और मुंह में तकलीफ की शिकायत के बाद उनको अस्पताल में भर्ती कराया गया था


इमरजेंसी से वार्ड में शिफ्ट किया गया. आइजीआइएमएस अस्पताल में अबतक छह लोगों की ब्लैक फंगस से मौत हो चुकी है. ब्लैक फंगस के मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आइजीआइएमएस में 40 बेड ब्लैक फंगस के मरीजों के लिए बढ़ा दिये गये हैं.

आइजीआइएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने बताया कि मंगलवार से 70 की जगह 110 बेड पर ब्लैक फंगस के मरीजों को भर्ती किया जा रहा है. 40 अतिरिक्त बेड बढ़ा दिये गये हैं. मंगलवार को 30 नये मरीजों को भर्ती किया गया. ऐसे में अब फंगस वार्ड में 99 मरीजों का इलाज चल रहा है. इनमें दो मरीजों का ऑपरेशन किया गया.

पीएमसीएच के अधीक्षक डॉ आइएस ठाकुर ने बताया कि पीएमसीएच में भी 70 बेड का ब्लैक फंगस वार्ड बुधवार से शुरू कर दिया जायेगा.वहीं मुजफ्फरपुर में और बेतिया में एक-एक मरीज की मौत ब्लैक फंगस से हो गयी.

बेतिया के एमजेके अस्पताल के डॉ अरविंद की मौत

पटना एम्स में बेतिया के एमजेके अस्पताल के हड्डी रोग विभाग में विभागाध्यक्ष 62 वर्षीय डॉ अरविंद कुमार की कोरोना से मौत हो गयी. वे मूल रूप से मुजफ्फरपुर जिले के रहने वाले थे और ऑर्थोपेडिक के अच्छे सर्जन थे.

डॉ अरविंद कुमार को सांस लेने में तकलीफ व ऑक्सीजन लेवल कम होने के बाद नौ दिन पहले आइसीयू में भर्ती किया गया था. डॉ अरविंद शहर का परिवार पटना के लोहिया नगर में रहता है



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