बिहार में इलाज औऱ दवा मिले न मिले, मौत के बाद मृत्यु प्रमाण पत्र जरूर मिल जायेगा, सरकार मेल औऱ डाक से भेज देगी डेथ सर्टिफिकेट

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कोरोना की भीषण महामारी के बीच बिहार में अगर आपको दवा, इलाज नहीं मिल पा रहा हो तो सरकार को बहुत टेंशन नहीं हो पा रहा है. हां, सरकार किसी व्यक्ति की मौत के बाद उसके डेथ सर्टिफिकेट को समय पर उसके परिजनों तक जरूर पहुंचा देगी. सरकार ने फैसला लिया है कि अब मेल औऱ डाक से डेथ सर्टिफिकेट मरने वाले के परिजनों को भेज दिया जायेगा.

महामारी में ताबड़तोड़ मौत के बाद सरकार का फैसला
बिहार में पिछले डेढ़ महीने से कोरोना का कहर बरस रहा है. सरकारी आंकडे कोरोना से जितनी मौत की जानकारी दे रहें हैं, श्मशान से लेकर कब्रिस्तान में उससे कई गुणा ज्यादा शव पहुंच रहे हैं. लिहाजा सरकार को फिक्र हुई है कि मरने वालों का डेथ सर्टिफिकेट कैसे बनेगा. सरकार के नगर विकास विभाग ने तय किया है कि अब मोबाइल के मैसेज,ईमेल औऱ रजिस्टर्ड डाक के जरिये मृत्यु प्रमाण पत्र भेज दिया जाये.


नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव आनंद किशोर से सभी नगर आयुक्तों को इस बाबत दिशा निर्देश जारी किये हैं. सरकार के नये फरमान के मुताबिक मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए आवेदन देने वालों का मोबइल नंबर से लेकर मेल आईडी औऱ पता सब लिया जायेगा. जैसे ही मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने का काम पूरा हो जायेगा, आवेदक को ये खबर दी जायेगी कि सर्टिफिकेट तैयार है. इसके साथ ही उसके ईमेल आईडी पर डेथ सर्टिफिकेट की कॉपी भेज दी जायेगी. अगर आवेदक डेथ सर्टिफिकेट को अपने घऱ पर ही मंगवाना चाहता है तो उसे पहले ही डाक खर्च जमा कर देना होगा. सरकार उसके घर पर प्रमाण पत्र भेज देगी.



एक सप्ताह में बन जायेगा डेथ सर्टिफिकेट
नगर विकास विभाग ने तय किया है कि आवेदन आने के बाद एक सप्ताह के भीतर डेथ सर्टिफिकेट जारी कर दिया जायेगा. डेथ सर्टिफिकेट में भी तत्काल सिस्टम लागू किया गया है. अगर किसी के पास मेल आईडी या मोबाइल ही नहीं है उसे भी डेथ सर्टिफिकेट भेजने की व्यवस्था होगी. आवेदन देने के समय ही उनसे ये रजामंदी ले ली जायेगी कि डाक से उनके पास सर्टिफिकेट भेजा जायेगा. फिर सर्टिफिकेट बनते ही उनके पास रजिस्टर्ड पोस्ट से भेज दिया जायेगा.



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