बिहार महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने खोली पार्टी की पोल पट्टी, नए प्रभारी के सामने खोले सारे भेद

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बिहार महिला कांग्रेस की अध्यक्ष अमिता भूषण ने सोमवार को अपनी ही पार्टी को बिना साबुन बिना पानी बुरी तरह धो दिया. मौका था नये प्रभारी के साथ पहली मुलाकात का, लेकिन बिहार में कांग्रेस ने महिलाओं और कार्यकर्ताओं के साथ क्या-क्या किया, अमिता भूषण ने पूरी पोल पट्टी खोलकर रख दी. इसकी उम्मीद नये प्रभारी भक्त चरण दास को भी नहीं होगी. 

आमतौर पर शांत दिखने वाली बिहार महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमिता भूषण सोमवार को फट पडीं. नये प्रभारी भक्त चरण दास पहली बार बिहार पहुंचे थे. उन्हें उम्मीद थी कार्यकर्ता नेता थोड़ी नाराजगी के बाद सबकुछ भूल नये सिरे से शुरुआत करेंगे, लेकिन कार्यकर्ताओं की बात तो छोड़ दीजिए पार्टी की महिला नेता ने ही अपनी पार्टी की नीतियों को लेकर बुरी तरह धो दिया. 


दरअसल, महिला कांग्रेस अध्यक्ष अमिता भूषण पार्टी के नये प्रभारी के सामने चुनाव में कांग्रेस के खराब प्रदर्शन पर अपने विचार रख रहीं थी. अमिता भूषण ने सीधा आरोप लगाया कि पार्टी में झूठा आश्वासन देकर कार्यकर्ताओं से काम कराया जाता है. 

अमिता भूषण ने कहा कि पार्टी आलाकमान को ये ध्यान रखना चाहिए कि हम वहीं बोलें जो हम कर सके. कार्यकर्ता को ये बना देंगे वो बना देंगे. एआईसीसी मेंबर बना देंगे इस टाईप का आश्वासन न दिया जाए. हम अपने कार्यकर्ता को सिर्फ कांग्रेस को सत्ता में लाने की बात कहें तो ज्यादा बेहतर होगा, लेकिन यहां झूठे आश्वासन के साथ कार्यकर्ताओं से काम करवाया जाता है.
 
वही, चुनाव में कांग्रेस को महिला वोटरों का साथ नहीं मिल पाने पर भी अमिता भूषण ने बिहार कांग्रेस की ही कार्यशैली पर सवाल खड़े किये. अमिता भूषण ने खुद बिहार कांग्रेस के नेताओं से सवाल पूछे कि महिला मतदाता कांग्रेस को वोट क्यों दे इस सवाल का जवाब वो उन्हें बता दें. 

महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि एक वक्त था जब सदाकत आश्रम में महिलाओं की भीड़ होती थी, लेकिन आज यहां महिलाएं नहीं है. कांग्रेस महिलाओं को अपने हिस्से से निकालते जा रही है. बिहार कांग्रेस ने महिलाओं के मुद्दों पर कितना आवाज उठाया. पार्टी सिर्फ मुझे आगे कर देती थी, लेकिन पीसीसी की ओर से कभी महिला मुद्दों पर सवाल नहीं उठाया गया.    



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