बिहार के एकमात्र टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत, हड़कंप

0
101

पश्चिम चम्पारण स्थित सूबे के एकमात्र टाइगर रिजर्व वाल्मीकि टाइगर रिजर्व (वीटीआर) में एक बाघ की मौत हो गई है। बाघ का शव शनिवार को वीटीआर के वन प्रमंडल एक के गोवर्धना वनक्षेत्र के जंगल में मिला है।

बाघ की मौत की सूचना से वन विभाग में हड़कंप मच गया। हालांकि मौत के कारणों का खुलासा अभी तक नहीं हो सका है। रात में नर व मादा बाघ, बाघिन की भिड़ंत में मौत की आशंका जताई जा रही है। वीटीआर के वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय ने बाघ की मौत की पुष्टि की है।


उन्होंने बताया कि बाघ का शव शनिवार को गश्त के दौरान वनकर्मियों को मिला है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि मौत कैसे हुई है।

इधर, अंदाजा लगाया जा रहा है रात में नर व मादा बाघ, बाघिन की लड़ाई में इसकी मौत हुई होगी। क्षेत्र निदेशक ने बताया कि गश्त पर निकले वनकर्मियों की टीम ने गोवर्धना वनक्षेत्र के सिरिसिया जंगल के अंदर नर बाघ का शव देखा। उन्होंने बताया कि शव एक दो घंटे पूर्व में मरे बाघ का था।

उन्होंने इसकी सूचना रघिया व गोर्वधना वन कार्यालय समेत वरीय अधिकारियों को दी। सूचना पर वन प्रमंडल एक के डीएफओ अम्बरीश कुमार मल्ल के नेतृत्व में वन अधिकारियों, पशु चिकित्सकों की टीम घटनास्थल पर पहुंची। सीएफ ने बताया कि घटनास्थल पर पहुंचे अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं।

तीन से चार वर्ष का था बाघ
वीटीआर के गोवर्धना वनक्षेत्र के जंगल में मरे बाघ की उम्र तीन से चार साल ही होगी। क्षेत्र निदेशक हेमकांत राय ने बताया कि बाघ नर है। उसके मरने के कारण का पता अभी नहीं चल सका है। अंधेरा हो जाने के कारण उसका पोस्टमार्टम नहीं हो सका है।

2018 में बाघ से भिडंत में मरा था तेंदुआ
वर्ष 2018 में बाघ और तेंदुआ की भिडंत में वीटीआर वन प्रमंडल दो के वाल्मीकिनगर वनक्षेत्र में एक तेंदुआ की मौत हो गई थी। इसका खुलासा मेडिकल जांच रिपोर्ट आने के बाद हुआ था। इसकी जानकारी उस समय के तत्कालीन अधिकारी ने दी थी।



Comment Box