बिहार की इन नर्सों ने पेश की सेवा की मिसाल, घायल युवकों का खून रोकने के लिए बांधा अपना दुपट्टा

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 कहानी फिल्‍मी लगती है। लेकिन है पूरी तरह सच। सड़क हादसे में गुरुवार शाम गंभीर रूप से घायल दो युवकों के साथ सड़क से गुजर रहीं एएनएम ने जो सेवा भाव और मानवीयता दिखाई। यह देख हर कोई उन्‍हें सैल्‍यूट करेगा।सड़क पर हादसे के बाद दर्द से कराहते युवकों को समय पर प्राथमिक उपचार किया। खून बहने से रोकने के लिए अपने दुपट्टे तक का इस्‍तेमाल किया।  

दरअसल गया-परैया सड़क स्थित सरबदीपुर टांड़ पर गुरुवार शाम को बड़ा हादसा हो गया। गया की तरफ से आ रही एक कार ने सामने से आ रही बाइक में जोरदार टक्‍कर मार दी। टक्‍कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।


खून से लथपथ होकर वे दर्द से कराहने लगे। यह हादसा संयोगवश उधर से गुजर रहीं एएनएम अनिता कुमारी,  सुनीता कुमारी, रंजना कुमारी, विभा कुमारी व डाटा ऑपरेटर प्रियंका कुमारी के सामने हुआ। दर्द से कराहते युवकों को देख उनसे रहा नहीं गया। वे समझ गईं कि जल्‍द प्राथमिक उपचार नहीं मिला तो उनकी जान जा सकती है।

एक ओर जहां आम ग्रामीण रिमझिम बारिश के बीच घायलों की फ़ोटो व विडियो बना रहे थे। वहीं दूसरी ओर सेवा भावना से प्रेरित होकर एएनएम ने दोनों को गोद में उठाया। इसके बाद वे ब्‍लीडिंग और उनका दर्द कम करने के प्रयास में जुट गईं। जितना संभव हो सका उनका प्राथमिक उपचार किया। दोनों घायलों के चोटिल अंगों को बांधने के लिए इन युवतियों को कुछ नहीं मिला तो अपने दुपट्टे का उपयोग किया।

इसके साथ ही स्थानीय अस्पताल में तत्काल एंबुलेंस भेजने के लिए प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को फ़ोन किया। जिससे दोनों को बेहतर उपचार मिलने में समय न लगे। तत्काल अस्पताल से एम्बुलेंस व थाना से पुलिस अधिकारी पहुंचे। दोनों युवकों को एंबुलेंस से गया भेजा गया।

थानाध्यक्ष फहीम आजाद खान ने बताया कि दोनों घायलों को तुरंत एएनएमसीएच भेजा गया। दुर्घटनाग्रस्त बाइक को थाने ले जाया गया। घायल युवकों की पहचान गुरारू के कोरमथु निवासी सुरेश राम के पुत्रों विपिन कुमार व रिशु कुमार के रूप में की गई है। दोनों गया अपने ससुराल जा रहे थे। वहीं एएनएम की निशानदेही पर चार पहिया वाहन की तलाश पुलिस ने की। लेकिन कोई सुराग नहीं मिल सका है।  



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