नए साल में उपभोक्ताओं को झटका देगी बिजली, कंपनियों ने 10 फिसदी महंगी बिजली का प्रस्ताव बनाया

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नए साल में बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है। बिजली कंपनियों ने नए साल में 10 फीसदी बिजली दर बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। साउथ बिहार और नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने बिजली की दर में 10 फ़ीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है और इस प्रस्ताव को इस सप्ताह के अंत तक राज्य विद्युत विनियामक आयोग को सौंपने की तैयारी है। लंबे अरसे से फायदे में रहने वाली बिजली कंपनियों को फिलहाल 15 फ़ीसदी घाटे का सामना करना पड़ रहा है। कोरोना वायरस मार्च से लेकर जून महीने तक के बीच कम बिलिंग होने की वजह से कंपनियों के राजस्व पर बुरा प्रभाव पड़ा है। 

हालांकि अभी भी बिहार राज्य विद्युत विनियामक आयोग के अध्यक्ष और एक अन्य सदस्य ने अपने कामकाज को नहीं संभाला है। आयोग के अध्यक्ष और सदस्य का राजभवन में शपथ ग्रहण नहीं हो सका है। इसलिए फिलहाल आयोग पूरी तरीके से काम नहीं कर पा रहा। बिजली कंपनियों की मुश्किल यह है कि ऐसे में वह आयोग को प्रस्ताव देने और आगे की कार्रवाई में परेशानी महसूस कर रही है। बिजली कंपनियों को बीते 15 नवंबर तक ही प्रस्ताव आयोग के सामने जमा करना था लेकिन अब तक यह संभव नहीं हो पाया है।


बिहार में फिलहाल बिजली दरों की बात करें तो शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को 0 से 100 यूनिट के लिए सब्सिडी मिलने के बाद 4.22 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होता है। जबकि 101 से 200 यूनिट के लिए 5.02 रुपये प्रति यूनिट 201 से 300 यूनिट के लिए 5.87 रुपए प्रति यूनिट और 300 यूनिट से ऊपर के लिए 6.67 रुपए प्रति यूनिट की दर से भुगतान करना होता है। शहरी घरेलू उपभोक्ताओं को 40 रुपये प्रति किलो वाट का फिक्स चार्ज भी देना पड़ता है।



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