तप रही है बिहार और उत्तर भारत की धरती, इस दिन दस्तक दे सकता है मानसून

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चक्रवात वायु ने देश में किसी तरह की कोई तबाही नहीं मचाई लेकिन जातेजाते मानसून की गति को धीमा कर दिया। मौसम विभाग ने आशंका जताया है कि बिहार, UP तथा दिल्ली सहित उत्तर भारत के बहुत सारे इलाकों को वर्षा के लिए 10 से 15 दिन तक और इंतज़ार करना पड़ सकता है। इंडियन मेट्रोलॉजिकल सोसाइटी (IMS) के बिहार चैप्टर के चेरमान डॉ प्रधान पार्थसारथी के मुताबिक, चक्रवात वायु के कारण बिहार में मानसून के अब 25 जून तक प्रवेश की संभावना है।

पहले के पूर्वानुमान में बिहार में मानसून के 20 जून तक आने का अंदेशा जताया गया था। सामान्य तौर पर मानसून जून के मध्य में बिहार, झारखण्ड होते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में प्रवेश कर जाता है। अभी केरल तथा तमिलनाडु में ही मानसून ठिठका हुआ है एवं आने वाले दो दिनों तक इसके सक्रिय होने की संभावना दिखाई नहीं दे रही है।


पटना का तापमान 43 डिग्री से ज्यादा

पाकिस्तान के तरफ से आ रही गर्म हवाओं जनजीवन पर गहरा प्रभाव डाला है। राजधानी पटना समेत समूचे प्रदेश में भीषण गर्मी का कहर कायम है। शुक्रवार को राजधानी पटना का तापमान सामान्य से ऊपर 43.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया।


प्रदेश में गिर रहा मानसून का स्तर

हर वर्ष बिहार में मानसून का ग्राफ तेजी से गिर रहा है। वर्ष 2011 के बाद बिहार में सामान्य से ज्यादा वर्षा दर्ज नहीं किया गया। मौसमविदों के अनुसार, हाल के वर्षों में बिहार में बिहार में मानसून1024 से 1027 मिमी वर्षा को सामान्य वर्षा माना जाता रहा है।

साल 2011 के बाद प्रदेश में कभी सामान्य वर्षा नहीं हुई। पिछले वर्ष तो मानसून सत्र में महज 771 मिमी ही वर्षा हुई थी। बीते 17 वर्ष में मानसून की मानसून की निर्धारित वर्षा से अधिक वर्षा चार दफा हुई है। साल 2003 में 1140 मिमी (11 फीसदी अधिक), साल2007 में 1343 मिमी (31 फीसदी अधिक), साल 2008 में 1043 मिमी (2 फीसदी अधिक), जबकि साल 2011 में 1058 मिमी (3 फीसदी अधिक) वर्षा दर्ज किया गया।

इस बार भी देर, सामान्य से कम वर्षा : पिछले कुछ वर्षों से बिहार में मानसून देर से दस्तक दे रहा है। इस बार भी मानसून लेटलतीफ है एवं सामान्य से कम वर्षा भी पूर्वानुमान है। जानकारी के अनुसार, बिहार में मानसून 13 जून को पहुँचता है। लेकिन बीते 17 वर्ष में केवल चार ऐसे अवसर आये हैं जब मानसून इससे दोचार पहले दस्तक दिया। अलबत्ता बाकी के सालों में ये लेटलतीफ ही रहा है। पिछले वर्ष भी बिहार में 25 जून मानसून पहुंचा था। इस बार भी 25 तक इसके आने के आसार हैं। वायु तूफ़ान के वजह से तेजी से मानसून के हालात परिवर्तित हुए हैं।



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