ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लगा सकता है कोरोना, बिहार में रेलवे के सैंकड़ो अधिकारी-क्रमचारी संक्रमित

0
41

कोरोना की दूसरी लहर से बिहार बेहाल है. एक्टिव मरीजों की संख्या करीब 60 हजार है. कोरोना की चपेट में वैसे लोग भी हैं जो जनता के लिए अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. अभी जो कोरोना की गति है उसमें ट्रेनों की रफ्तार पर ब्रेक लग सकता है. ईस्ट सेंट्रल रेलवे के सैंकड़ो अधिकारी औऱ कर्मचारी कोरोना संक्रमित हैं. इनमें से कुछ ठीक हो गए हैं तो वहीं कुछ लोग अस्पताल में या सेल्फ आइसोलेशन में हैं.

ट्रेन के परिचालन में ड्राइवर, गार्ड और स्टेशन मास्टर, इन तीनों का रोल बेहद महत्पूर्ण है. इनके बगैर ट्रेनों को चलाया ही नहीं जा सकता. लेकिन, कोरोना के लपेटे में ये लोग भी आते जा रहे हैं। कोरोना पॉजिटिव होने वालों में इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईस्ट सेंट्रल रेलवे के हाजीपुर मुख्यालय से लेकर सभी 5 रेल डिवीजनों में अधिकारी से लेकर कर्मचारियों तक में कुल 2200 से ज्यादा लोग कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं.


इनमें दो रेल डिवीजन पंडित दीनदयाल उपाध्याय, उत्तर प्रदेश और धनबाद, झारखंड राज्य में आते हैं. माना जा रहा है कि जिस हिसाब से रेलवे के अधिकारी और कर्मचारी कोरोना संक्रमण की चपेट में आ रहे हैं और इनकी रफ्तार ऐसे ही बढ़ती रही तो आने वाले दिनों में ट्रेनों के परिचालन पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है.

कर्मियों की सुरक्षा के साथ रेल परिचालन हमारी प्राथमिकता

कोरोना वायरस के कहर के प्रकोप से रेल कर्मचारियों और उनके परिवार को बचाने के मद्देनजर बुधवार को दानापुर मंडल रेल प्रशासन और इस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के बीच विशेष वर्चुअल बैठक हुई. दानापुर डीआरएम सुनील कुमार की अध्यक्षता में बैठक का संचालन वरीय मंडल कार्मिक अधिकारी सुरजीत सिंह ने किया. यूनियन पक्ष का नेतृत्व एसएसडी मिश्रा ने किया, जिसमें मुख्य अतिथि के रुप मे यूनियन के महामंत्री एसएन पी श्रीवास्तव भी शामिल हुए.

बैठक के आरंभ में डीआरएम ने कहा कि वर्तमान दौर में खुद को सुरक्षित रखकर रेल परिचालन करना हमारी पहली प्राथमिकता है. कर्मचारियों के सुरक्षा हेतु जल्द ही सभी स्टेशनों पर ऑक्सीमीटर, कॉन्टेक्टलेस थर्मामीटर, स्टीम इन्हेलर, सभी कर्मचारियों तक सैनिटाइजर, रनिंग स्टाफ मसलन टीटीइ, गार्ड,ड्राइवर को सुरक्षा किट की व्यवस्था करायी जायेगी.



Comment Box