केंद्र के बजट में बिहार को निल बट्टे सन्नाटा, तेजस्वी ने कहा- अपना काम बनता, भाड़ में जाये जनता

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मोदी सरकार ने कोरोना संक्रमण के दौर का पहला बजट पेश कर दिया है. केंद्रीय वित्‍त मंत्री निर्मला सीतारमण सोमवार को लोकसभा में वित्‍त वर्ष 2021-22 का आम बजट पेश किया. विपक्ष इस बजट को लेकर सत्ताधारी बीजेपी के ऊपर निशाना साध रहा है. बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उसे बजट नहीं बल्कि सेल करार दिया है.

नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी ने यूनियन बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कि सरकार को बताया चाहिए कि बिहार को इस बजट से क्या मिला. बिहार के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है. केंद्र सरकार हमेशा से कहती आ रही है कि 2022 से किसान की आय दोगुनी कर दी जाएगी लेकिन 2020 में ही कृषि कानून बनाकर किसानों को भिखारी बना रही है. बिहार को इतने दिनों में इस डबल इंजन की सरकार ने आखिर क्या दिया.


तेजस्वी ने कहा कि बिहार में न कोई कारखाना, न ही रोजगार और बी ही किसी इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात की गई. रेलवे को तो मोदी सरकार ने गायब ही कर दिया. लालू प्रसाद ने रेलवे को घाटा से निकाल कर मुनाफे में किया था. जब लालू यादव रेल मंत्री थे, तब हर साल टिकट के दाम को भी घटाया जाता था. उन्होंने बिहार को 4 रेल कारखाने दिये.

मीडियाकर्मियों से तेजस्वी ने कहा कि बिहार से इतने सारे सांसद जीतकर गए हैं लेकिन क्या वे सिर्फ डेस्क थपथपाने के लिए गए हैं. वे लोग दिल्ली क्या थाली पीटने के लिए गए हैं. तेजस्वी ने कहा कि सरकार ने उन राज्यों के बारे में जोर देकर कहा, जहां चुनाव होने वाला है. लेकिन वहां भी सिर्फ जुमला ही दिया गया है

तेजस्वी ने आगे कहा कि आजतक पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यायल का दर्जा नहीं दिया गया. आज का बजट, बजट नहीं बल्कि एक सेल था. सरकारी कंपनियों को बेचने के लिए ये सेल लगाया गया था. आरजेडी को पहले से ही इसबात की उम्मीद थी कि बीजेपी देश को बेचने वाला ही बजट लेकर आएगी. 



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