ऑन ड्यूटी सिपाही से उठक-बैठक कराने वाले अफसर पर गाज गिरनी तय, कृषि मंत्री ने 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

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बिहार की प्रशासनिक व्‍यवस्‍था की पोल खोलने वाला एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें एक सिपाही जिला कृषि पदाधिकारी के सामने न सिर्फ उठक-बैठक कर रहे हैं, बल्कि पैर पर गिरकर और हाथ जोड़ कर माफी भी मांगते दिख रहे हैं. दरअसल, इस सिपाही का नाम गोनू तात्मा है, जिनकी तैनाती अररिया के बैरगाछी में है. कृषि विभाग के अन्य अधिकारियों के साथ जिला कृषि पदाधिकारी भी वहां मौजूद हैं. बताया जाता है कि इस सिपाही ने अधिकारी से पास मांगा और न देने पर 500 रुपये फाइन करने की बात कही थी. इसके बाद ड्यूटी में तैनात वरीय पुलिस अधिकारी पहुंचे और कृषि पदाधिकारी ने उनसे उठक-बैठक करवाई.

अररिया SDPO पुष्कर कुमार ने बताया कि इसकी जांच की गई है. जांच में पाया गया कि सिपाही खुद उठक-बैठक करना शुरू कर दिया था. अररिया SDPO ने कहा कि सिपाही इतना सीधा है कि खुद ही उठक-बैठक करने लगा और माफी मांगनी शुरू कर दी.


कृषि मंत्री बोले- मामला बेहद आपत्तिजनक
इस मामले में कृषि मंत्री प्रेम कुमार ने कहा कि अररिया में कृषि पदाधिकारी और होमगार्ड के बीच एक वीडियो वायरल हुआ है जिसको लेकर ज्वाइंट डायरेक्टर एग्रीकल्चर पूर्णिया को आदेश दिया गया है कि इस मामले को लेकर कर जांच किया जाएय. जिस तरह से अधिकारियों द्वारा जो काम किया गया है वह काफी आपत्तिजनक है. कुमार ने कहा कि जांच रिपोर्ट आने के बाद निश्चित तौर पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि ये घटना काफी आपत्तिजनक है. हमारे गृह रक्षा वाहिनी के जवान लॉकडाउन में अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन कर रहे हैं ऐसे में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा जो व्यवहार किया गया है वो काफी आपत्तिजनक है.

डीजीपी ने लिया संज्ञान
इस बीच, DGP गुप्तेश्वर पांडेय ने इस पूरे मसले पर नाराजगी जताते हुए कहा कि यह घटना शर्मनाक है. इसकी सूचना हमने सरकार को दे दी है और शाम तक रिपोर्ट आ जाएगी. जो भी हुआ गलत हुआ, अगर कोई वर्दीधारी कोई गलती करता है, तो हम उसके खिलाफ कार्रवाई करते हैं. ऐसे में अगर कोई बात थी, तो मुझे सूचना देनी चाहिए थी.

आरजेडी हमलावर
बिहार में इस मुद्दे पर भी विरोधी दलों ने सरकार को घेरने की कोशिश की है. लॉकडाउन में हुई कार्रवाई पर आरजेडी ने सवाल खड़ा किया है. न्यूज 18 से बात करते हुए पार्टी के राज्यसभा सांसद और मुख्य प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि बिहार में इस तरह की घटनाएं आम हो गई हैं. रसूखदार लोग अपने-आप को राजा-महाराजा समझ रहे हैं. उन्होंने बीजेपी के विधायक की तरफ से अपनी बेटी के कोटा से बिहार लाए जाने के मसले को भी उठाते हुए कहा कि चाहे कोटा की घटना हो या फिर होमगार्ड के जवान के साथ कृषि अधिकरी के द्वारा की गई घटना संवेदना नाम की कोई चीज नहीं रह गई है.

Input : news 18 bihar.



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