40 हजार में खरीदा बड़ा सिलेंडर उसमें भी 25 किलो की जगह 10 किलो ही था ऑक्सीजन

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कोरोना संक्रमित मरीजों की जान बचाने के लिए उनके परिजन काफी जद्दोजहद कर रहे हैं। ऑक्सीजन प्लांट के बाहर हाथ में सिलेंडर पकड़े 12 घंटे तक तक इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद उन्हें 12 से 25 किलो ऑक्सीजन मिल रहा है। वहीं अस्पताल के कर्मचारी 24 घंटे तक ऑक्सीजन रिफिलिंग के लिए प्लांट के बाहर खड़े रह रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम ने सिपारा स्थित उषा एयर प्रोडेक्ट प्लांट का जायजा लिया, तो जानकारी मिली कि करीब 20 कर्मचारियाें के शिफ्ट में 24 घंटे काम करने के बाद भी लगभग 2000 हजार सिलिंडर की रिफिलिंग हाे पा रही है।

जबकि, पटना में ही राेज 10 हजार से अधिक ऑक्सीजन सिलेंडर की डिमांड है। इसकी वजह से सुबह से देर रात तक यहां भीड़ दिखाई दे रही है। फुलवारी के तहसीन के ससुर की मौत दो दिन पहले कोरोना से हो गई। सास भी गंभीर स्थिति में हैं। उनका ऑक्सीजन लेवल 70 से 75 के बीच है। ऐसे में उन्हें 24 घंटे ऑक्सीजन की जरूरत है। उन्होंने दो दिन पहले 40 हजार रुपए में ऑक्सीजन का बड़ा सिलेंडर खरीदा। लेकिन, उसमें 25 किलो की जगह मात्र 10 किलो ऑक्सीजन था, जो खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने 24 हजार में छोटा सिलेंडर खरीदा। अब बड़े सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए प्लांट के बाहर सुबह 6 बजे से ही इंतजार कर रहे थे। 11 बजे उनके सिलेंडर को रिफिल करने के लिए मशीन में सेट किया गया।


700 रुपए में रिफिलिंग, वसूल रहे 3000 रुपए तक

बेउर के घनश्याम कुमार ने कहा कि प्लांट में जिस सिलेंडर की रिफिलिंग 700 रुपए में हाे रही है, उसे सप्लायर 2500 से 3000 रुपए में बेच रहे हैं। राेज दो सिलेंडर की जरूरत है। इसलिए कल रात से ही सिलेंडर लेकर प्लांट के बाहर खड़े हैं। एक प्राइवेट अस्पताल के कर्मचारी राहुल कुमार ने कहा कि 20 सिलेंडर की रिफिलिंग के लिए शनिवार शाम छह बजे से ही खड़े हैं। अनीसाबाद के पप्पू कुमार दो छोटा सिलेंडर लेकर प्लांट के बाहर सुबह 5 बजे से ही चक्कर लगा रहे थे। कहा-परिवार के दो लोग संक्रमित हैं। ऑक्सीजन लेवल 82 से 89 के बीच रहता है। परिवार के तीन सदस्य 24 घंटे की शिफ्ट में ऑक्सीजन सिलेंडर की रिफिलिंग कराते हैं।

मजिस्ट्रेट बाेले-स्टाेरेज से हाे रही समस्या

प्लांट में प्रशासन की तरफ तैनात दंडाधिकारी सुरेंद्र कुमार मेहता ने कहा कि ऑक्सीजन स्टोरेज बड़ी समस्या है। इसकी वजह से ही लोगों को परेशानी हो रही है। जरूरत के मुताबिक रिफिलिंग कराने से मरीजों को पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन उपलब्ध हो सकेगा।

राज्य में 13200, पटना में 6300 सिलेंडर की रिफिलिंग की क्षमता

राज्य के 14 प्लांट में 13200 ऑक्सीजन सिलेंडर और पटना के पाटलिपुत्र इंडस्ट्रियल गैसेज लिमिटेड, वंशी एयर गैस प्रोडक्शन, गौरव एयर प्रोडक्ट, उषा एयर प्रोडेक्ट प्लांट में गैस रिफिलिंग के लिए लगभग 6300 सिलेंडर की क्षमता है। यह क्षमता 24 घंटे तक प्लांट चलने पर पूरी की जा सकती है। ऐसे मे लगातार प्लांट चलने की वजह से कई बार मशीन भी खराब होने की स्थिति हो जाती है।

एकबार में 60 सिलिंडर की हो रही रिफिलिंग, तीन घंटे लगता है समय

ऑक्सीजन प्लांट में एकबार में 60 सिलेंडर की रिफिलिंग की जाती है। इसमें करीब तीन घंटे का समय लगता है। लगातार रिफिलिंग की वजह से मशीन पर प्रेशर पड़ता है। इसका ध्यान रखना पड़ता है। छोटे सिलेंडर में 12 किलो और बड़े में 25 किलो ऑक्सीजन भरा जाता है। छोटे सिलेंडर की रिफिलिंग में 400 रुपए और बड़े में 700 रुपए का खर्च आता है।



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