सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग में कोविड केयर सेंटर बनाने का अनुरोध, बार एसोसिएशन ने लिखा पत्र

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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (एससीबीए) ने बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रधान न्यायाधीश एनवी रमना से सुप्रीम कोर्ट की नई बिल्डिंग में वकीलों के खाली पड़े चैंबरों को अस्थाई तौर पर कोविड केयर सेंटर या फील्ड अस्पताल में तब्दील करने की इजाजत देने का आग्रह किया है। इसके अलावा एससीबीए ने प्रधान न्यायाधीश से संक्रमण के प्रसार को देखते हुए 26 अप्रैल से सुप्रीम कोर्ट में गर्मी की छुट्टी घोषित करने का भी अनुरोध किया है।

एससीबीए ने यह अनुरोध प्रधान न्यायाधीश को रविवार को भेजे पत्र में किया है। एससीबीए ने पत्र की प्रति प्रधान न्यायाधीश के अलावा छह वरिष्ठ न्यायाधीशों को भी भेजी है। एससीबीए के अध्यक्ष विकास सिंह ने पत्र में कहा है कि पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर भयानक तौर पर फैली है। पिछले कुछ दिनों में एससीबीए के कई सदस्य, जिनमें वरिष्ठ वकील भी शामिल हैं, इस बीमारी से काल का ग्रास बन गए हैं।


सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने कहा है कि दिल्ली और आसपास चिकित्सा संसाधनों के अभाव में एसोसिएशन के सदस्य और परिजन अस्पतालों में भर्ती नहीं हो पा रहे हैं। इस परिस्थिति को देखते हुए एसोसिएशन के कुछ सुझाव हैं। पत्र में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट अभी आनलाइन सुनवाई कर रहा है। ऐसे में दिल्ली की स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने में सुप्रीम कोर्ट की नई बि¨ल्डग का बेहतर इस्तेमाल किया जा सकता है।

एससीबीए ने प्रधान न्यायाधीश से आग्रह किया है कि सुप्रीम कोर्ट की नई इमारत मे बने वकीलों के चैंबर ब्लाक को अस्थाई तौर पर कोविड केयर सेंटर या फील्ड अस्पताल के तौर पर तब्दील करने की मंजूरी दे दें। मंजूरी मिलने पर एसोसिएशन दिल्ली सरकार से अनुरोध करेगी कि वह इस जगह को टेक ओवर करके इसे कोविड केयर सेंटर में तब्दील कर दे।

इस बारे में एसोसिएशन की दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री से बात हुई है। कहा है कि अगर इसकी मंजूरी दे दी जाती है तो सुविधा का इस्तेमाल एससीबीए के सदस्यों और उनके परिवारों तथा सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री और उसके स्टाफ के परिवारों के लिए हो सकता है। पत्र में कहा है कि महामारी के चलते दिल्ली सरकार ने लाकडाउन एक सप्ताह के लिए बढ़ा दिया है। मौजूदा हालात देख कर लगता है कि महामारी मई मध्य में पीक पर पहुंचेगी। ऐसे में लाकडाउन और बढ़ सकता है।

एसोसिएशन ने अनुरोध किया है कि इन परिस्थितयों को देखते हुए कोर्ट की गर्मी की छुट्टियां 26 अप्रैल सोमवार से घोषित कर दी जाएं। कुल तय गर्मी की छुट्टियों में एक सप्ताह की कटौती करके उन्हें सात की जगह छह सप्ताह तक सीमित कर दिया जाए, क्योंकि महामारी के कारण मुकदमों का ढेर लग गया है। कोर्ट गर्मी की छुट्टियां छह जून को समाप्त कर दे और सात जून से सामान्य कामकाज शुरू कर दिया जाए। पूर्व वर्षों की भांति छुट्टियों में अवकाशकालीन पीठ मुकदमों की सुनवाई करती रहे। मालूम हो कि अभी सुप्रीम कोर्ट में 14 मई से 30 जून तक गर्मी की छुट्टी है। हालांकि इस दौरान अवकाशकालीन पीठ मुकदमों की सुनवाई करती है। 



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