सिर्फ दो महीने के लिए चीफ सेक्रेट्री बने हैं त्रिपुरारी शरण, आगे सरकार के खास आमिर सुबहानी का रास्ता साफ है

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बिहार के मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह के आकस्मिक निधन के बाद चीफ सेक्रेट्री बनाये त्रिपुरारी शरण सिर्फ दो महीने के लिए पद पर रहेंगे. 30 जून को वे रिटायर हो जायेंगे औऱ फिर सरकार के खास आमिर सुबहानी के चीफ सेक्रेट्री बनने का रास्ता साफ हो जायेगा. वैसे इमानदार छवि के त्रिपुरारी शरण अब तक नीतीश सरकार का कोप ही झेल रहे थे.

दो महीने के चीफ सेक्रेट्री
नीतीश सरकार ने शनिवार को अधिसूचना जारी कर त्रिपुरारी शरण को राज्य का नया मुख्य सचिव बनाने का एलान किया. शुक्रवार को बिहार के तत्कालीन मुख्य सचिव अरूण कुमार सिंह का निधन हो गया था. उसके अगले दिन सरकार ने नये मुख्य सचिव के नाम का एलान किया. 1985 बैच के आईएएस अधिकारी त्रिपुरारी शरण 30 जून 2021 को रिटायर कर जायेंगे. लिहाजा उनका कार्यकाल सिर्फ दो महीने का होगा. 


वैसे राज्य सरकार मुख्य सचिव पद पर बैठे अपने चहेते अधिकारियों की सेवा विस्तार के लिए केंद्र सरकार से गुहार करती रही है. लेकिन त्रिपुरारी शरण के मामले में ऐसा कुछ होने की दूर दूर तक संभावना नहीं लगती. इससे पहले दीपक कुमार को मुख्य सचिव बनाये रखने के लिए सरकार ने दो दफे केंद्र से उनका सेवा विस्तार कराया था. तीसरी दफे सेवा विस्तार की भी कोशिश की गयी थी लेकिन केंद्र से मंजूरी नहीं मिली. नीतीश कुमार ने पूर्व मुख्य सचिव दीपक कुमार को रिटायरमेंट के बाद अपना प्रधान सचिव नियुक्त कर लिया है. 

सरकार का कोप झेल रहे थे त्रिपुरारी शरण
बिहार कैडर के सबसे सीनियर मोस्ट IAS अधिकारियों में से त्रिपुरारी शरण वैसे भी सरकार का कोप ही झेल रहे थे. सत्ता के गलियारे में होने वाली चर्चाओं के मुताबिक तकरीबन दो साल पहले उद्योग विभाग में प्रधान सचिव रहते उन्होंने सरकार के एक खास अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर ली थी. नतीजतन रातो रात उन्हें पद से हटाकर संटिंग में डाल दिया गया था. इसके बाद वे लगातार कोल्ड स्टोरेज में ही पडे रहे. सीनियर अधिकारी होने के बावजूद सरकार ने उन्हें किसी अहम पद के लिए योग्य नहीं समझा. 

आमिर सुबहानी का रास्ता साफ
सत्ता के जानकार बता रहे हैं कि जून में त्रिपुरारी शऱण के रिटायरमेंट के साथ ही नीतीश कुमार के खास आमिर सुबहानी के मुख्य सचिव बनने का रास्ता साफ हो जायेगा. आमिर सुबहानी फिलहाल राज्य के विकास आयुक्त हैं. लेकिन उससे पहले उन्होंने गृह विभाग में सचिव से लेकर अपर मुख्य सचिव तक का समय बिताया है. आमिर सुबहानी इतने लंबे समय तक गृह विभाग का काम संभालते रहे जितना अब तक किसी और अधिकारी ने नहीं संभाला. गृह विभाग ही नहीं उनके जिम्मे सामान्य प्रशासन से लेकर अल्पसंख्यक कल्याण औऱ मद्य निषेध विभाग भी रहा. 

आमिर सुबहानी 1987 बैच के आईएएस अधिकारी हैं. जून में मौजूदा चीफ सेक्रेट्री के रिटायरमेंट के बाद आमिर सुबबानी से सीनियर बिहार कैडर के सिर्फ तीन अधिकारी बचेंगे. इनमें से एक 1986 बैच के रवि मित्तल केंद्र सरकार में सचिव हैं. वहीं 1986 बैच के ही बाला प्रसाद राष्ट्रपति के विशेष सचिव हैं. 1986 बैच के ही एक औऱ अधिकारी संजीव कुमार सिन्हा बिहार में ही पोस्टेड हैं लेकिन सरकार ने उन्हें राजस्व पर्षद का अध्यक्ष बना कर साफ कर दिया है कि वे कोल्ड स्टोरेज में ही पड़े रहेंगे.



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