बिहार ने अमेरिका को छोड़ा पीछे, राज्य के इन सात शहरों ने मिलकर कर दिया कमाल, जानिए बिस्तार से

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बिहार ने विश्व में सबसे शक्तिशाली अमेरिका को पछाड़ दिया है। यह कमाल राज्य के सात शहरों ने मिलकर किया है। पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया और समस्तीपुर ने मक्का उत्पादन के मामले में अमेरिका को पीछे छोड़ दिया है। अमेरिका में विश्व में सबसे ज्यादा मक्का का उत्पाद होता है, मगर बिहार के सात जिलों ने इसमें अपना दबदबा बना लिया है। उत्साह बढ़ाने वाले किसानों के इस कार्य पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भी हर्ष व्यक्त किया है। 

2016 में केंद्र सरकार ने दिया था सम्मान


हालांकि मक्के के कुल उत्पादन के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर है। पहले पायदान पर तमिलनाडु है। बता दें कि साल 2016 में मक्के की सर्वश्रेष्ठ उत्पादकता के लिए केंद्र सरकार ने बिहार को कृषि कर्मण पुरस्कार दिया था। बिहार के कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा है कि अब बिहार के किसानों की तकदीर बदलने का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द बिहार के मक्का किसानों के लिए कई बड़े फैसले लेने की तैयारी की जा रही है। कृषि मंत्री अमरेन्द्र प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि केंद्र सरकार से आग्रह कर मक्के का भी एमएसपी रेट तय कराया जाए। इससे किसानों को फसल का बेहतर परिणाम मिलेगा, और राज्य का नाम शिखर तक पहुंचेगा। 

अमेरिका के 48 के मुकाबले बिहार 50

बिहार के पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया और समस्तीपुर में मक्के की पैदावार 50 क्विंटल प्रति एकड़ तक हो गई है। जबकि अमेरिका के इलिनोइस, आयोवा और इंडियाना में 48 क्विंटल ही उत्पादन होता है। जानकार मक्के के उत्पादन का प्रमुख कारण खरीफ के किसानों का धान उत्पादन पर जोर देना बताते हैं। बिहार में रबी के मौसम में मक्के की फसल अधिक होती है।कृषि वैज्ञानिकों की मानें तो सरकार का जोर बीज पर है। राज्य में मक्का के क्षेत्र यह क्रांति कृषि रोड मैप के कारण आई है। 



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