उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ सम्पन्न हुआ महापर्व छठ

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लोक आस्था का चार दिनों तक चलने वाला महापर्व चैती छठ के चौथे दिन आज यानि सोमवार को व्रतियों द्वारा भगवान भास्कर को दूसरा अर्घ्‍य देने और छठी मैया की पूजा के साथ यह पर्व संपन्न हो गया. पूजा के दौरान सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का पालन किया गया. कोरोना महामारी की वजह से लोगों ने सादगी के साथ सम्पन्न पूजा की.

छठ व्रतियों द्वारा भगवान भास्कर को दूसरा अर्घ्‍य देने के साथ ही उनका छत्तीस घंटे का उपवास भी समाप्त हो गया. उन्होंने प्रसाद ग्रहण किया और इसी के साथ ही व्रत और उपवास का चार दिनों तक चलने वाला यह पर्व संपन्न हो गया.


बता दें कि छठ का पर्व 16 अप्रैल को नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ था। दूसरे दिन खरना पर गुड़ की खीर बनाई गई और तीसरे दिन डूबते सूर्य को अर्घ्य दिया गया। आखिरी दिन उगते सूर्य को अर्घ्य देने के साथ ही छठ पर्व संपन्न हो गया।

लोक आस्था का महापर्व छठ वर्ष में दो बार मनाया जाता है। चैत्र शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाए जाने वाले छठ पर्व को चैती छठ कार्तिक शुक्ल पक्ष षष्ठी पर मनाये जाने वाले पर्व को कार्तिकी छठ कहा जाता है। पारिवारिक सुख-समृद्धि मनोवांछित फल प्राप्ति के लिए यह पर्व मनाया जाता है।

Input : Puja Tiwari.



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