अर्धांगिनी के हाथों में प्रचार की कमान, बढ़ा रहीं पति का मान

0
33

 त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव मैदान में उतरे प्रत्याशी माहौल बदलने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इस बार सबसे अधिक चुनाव प्रचार पर जोर है। महिला सीट पर तो महिला प्रत्याशियों ने चुनाव की कमान अपने हाथों में ले ही रखी हैं। चुनाव मैदान में उतरे पतियों को जीतने की जिम्मेदारी भी अर्धांगिनी बखूबी निभा रही है। अर्धांगिनी आधी आबादी को पति के पक्ष में साधने पर जुटी हैं।

जिला पंचायत सदस्य के लिए वार्ड 22 से भाग्य आजमा रहे एक बड़ी पार्टी के प्रत्याशी चुनाव प्रचार में फिलहाल व्यस्त हैं। कई गांवों में प्रचार करने गए तो लोगों ने विकास को लेकर सवाल किए और ताने भी मारे। ऐसे में दिक्कत सामने आती देख प्रत्याशी ने अपनी अर्धागिनी को चुनाव प्रचार के लिए मैदान में उतार दिया है।प्रत्याशी की पत्नी का पूरा जोर महिला मतदाताओं को लुभाने पर है। साथ ही गांव के बड़े बुजुर्गो के पैर छूकर आशीर्वाद मांगना भी लोगों को खूब भा रहा है। वार्ड 22 का माहौल सिर्फ एक बानगी भर है। अमूमन हर वार्ड में ऐसा ही माहौल बना हुआ है।


खरखौदा ब्लाक के एक गांव में एससी महिला सीट पर चुनाव लड़ रही प्रत्याशी ने चुनाव जीतने के बाद गांव स्थित शराब के ठेके को बाहर कर गांव को नशा मुक्त करने का वादा कर समर्थन मांगा है। गांव में डिग्री कालेज बनवाने और खेल मैदान बनवाने के वादे किए जा रहे हैं।

चुनाव में महिलाओं की स्थिति

38 – प्रधान पद एससी महिला

47 – प्रधान पद ओबीसी महिला

76 – प्रधान पद सामान्य महिला

11 – जिपं सदस्य महिला

272 – क्षेत्र पंचायत सदस्य महिला

2104 – ग्राम पंचायत सदस्य महिला

5.90 – लाख महिला मतदाता

पंचायत चुनाव की पोलिंग पार्टियों में शामिल कर्मचारियों अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का काम पूरा कर दिया गया है। लेकिन चार दिन चले प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में कर्मचारी अधिकारी गैरहाजिर रहे थे। यह संख्या लगभग 400 थी। सीडीओ शशांक चौधरी ने बताया कि सेवानिवृत, स्थानांतरित तथा मेडिकल बोर्ड द्वारा अनफिट घोषित किे गए कर्मचारियों को इस सूची से हटाने के बाद लगभग 250 कर्मचारी बचे हैं। इन सभी को सोमवार को दोपहर दो बजे एसडी इंटर कालेज सदर में प्रशिक्षण के लिए बुलाया गया है। उस दिन ये लोग वहां पहुंचकर या तो प्रशिक्षण लेंगे अथवा प्रशिक्षण् न लेने का कारण स्पष्ट करेंगे। सोमवार को भी न आने वाले कार्मिकों का अप्रैल महीने का वेतन रोक दिया जाएगा। इसके साथ ही अन्य विभागीय कार्रवाई भी शुरू की जाएगी। 



Comment Box